तक्ष पब्लिक इंग्लिश मिडियम स्कूल में हर्षोल्लास से मनाया गया हरेली तिहार

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
तक्ष पब्लिक इंग्लिश मिडियम स्कूल, लालपुर चौक, कवर्धा में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़े हरेली तिहार का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं की मनमोहक झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं संस्था के डायरेक्टर डॉ. कुशलचंद दशोमती साहू ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण, तिलक-चंदन एवं श्रीफल अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने सभी को हरेली तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेली शब्द हरियाली से बना है। सावन के महीने में चारों ओर हरियाली छाने के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व प्रकृति, लोकसंस्कृति और किसानों के सम्मान का प्रतीक है।
किसानों और कृषि औजारों के सम्मान का पर्व
डॉ. साहू ने कहा कि हरेली पर्व अन्नदाताओं यानी किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन किसान अपने खेतों, हल, बैलों और कृषि कार्य में उपयोग होने वाले औजारों की पूजा करते हैं। यह परंपरा हमें मेहनत, प्रकृति, कृषि और पशुधन के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त करने की प्रेरणा देती है।
विद्यार्थियों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ महतारी, किसान, राउत और गेड़ी सहित विभिन्न पारंपरिक विषयों पर सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और विद्यालय परिसर छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया।
पारंपरिक खेलों में बच्चों ने दिखाया उत्साह
हरेली तिहार के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विभिन्न पारंपरिक खेल एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें नारियल फेंक, फुगड़ी और गेड़ी दौड़ प्रतियोगिता प्रमुख रही। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं उमंग के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह, उमंग और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर हरेली तिहार को यादगार बनाया।




