नदी, पहाड़ और घने जंगलों को पार कर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही भावना बोहरा की 151 किमी कांवड़ पदयात्रा

CGN News | पंडरिया
सावन मास की पवित्रता और भगवान भोलेनाथ की भक्ति के बीच पंडरिया विधायक भावना बोहरा द्वारा माँ नर्मदा मंदिर, अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक निकाली जा रही 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा दूसरे दिन भी पूरे उत्साह और आस्था के साथ जारी रही। ग्राम लमनी से वन ग्राम महामाई (खुड़िया) तक कांवड़ियों के साथ पदयात्रा करते हुए विधायक भावना बोहरा ने छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली एवं सर्वमंगल की कामना की।
यात्रा के दौरान कांवड़ियों को नदी, पहाड़, पथरीले रास्तों और घने जंगलों से होकर गुजरना पड़ा। कठिन और दुर्गम मार्ग के बावजूद कांवड़ियों के कदम लगातार आगे बढ़ते रहे। पूरे रास्ते ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण शिवमय नजर आया। मुश्किल परिस्थितियों के बीच भी कांवड़ियों का उत्साह और उमंग लगातार बढ़ता रहा।
10 अगस्त से 16 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा के प्रथम दिन माँ नर्मदा मंदिर, अमरकंटक से ग्राम लमनी तक विधायक भावना बोहरा के साथ करीब 600 कांवड़ियों ने यात्रा पूरी की। दूसरे दिन प्रातः कांवड़ की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद यात्रा ग्राम लमनी से शुरू होकर वन ग्राम महामाई (खुड़िया) में संपन्न हुई।
इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने कहा कि यह यात्रा उनके लिए केवल 151 किलोमीटर की पदयात्रा नहीं, बल्कि आस्था, संकल्प, साधना और जनकल्याण की भावना से जुड़ी आध्यात्मिक यात्रा है। माँ नर्मदा के पावन उद्गम स्थल से भोरमदेव धाम तक का यह मार्ग प्रकृति, संस्कृति और सनातन आस्था से जोड़ने वाला है।
उन्होंने कहा कि पहाड़, पथरीले रास्ते और घने जंगल यात्रा की कठिनाइयों को बढ़ाते हैं, लेकिन महादेव की भक्ति में उठाया गया हर कदम आगे बढ़ने की शक्ति देता है। कठिन रास्तों ने शरीर की परीक्षा जरूर ली है, लेकिन प्रत्येक पड़ाव के साथ उत्साह दोगुना और विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। कांवड़ियों के साथ मिल रहा जनस्नेह और ‘बोल बम’ का जयघोष लगातार ऊर्जा बढ़ा रहा है।
भावना बोहरा ने कहा कि सावन के इस पवित्र अवसर पर भगवान भोलेनाथ और माँ नर्मदा से पूरे छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, किसानों की खुशहाली, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, माताओं-बहनों के सम्मान और प्रत्येक परिवार के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की जा रही है।
घने वनों के बीच बहती शीतल हवाओं, चारों ओर फैली हरियाली और वनांचल की शांत वादियों के बीच कांवड़ियों को आध्यात्मिक अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो प्रकृति स्वयं इस यात्रा में साथ चलकर आशीर्वाद दे रही हो। माँ नर्मदा के पावन जल और भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा ने कठिन रास्तों को भी सहज बना दिया है।
विधायक ने विश्वास व्यक्त किया कि माँ नर्मदा की कृपा और भगवान महादेव के आशीर्वाद से यह यात्रा निर्विघ्न पूर्ण होगी। भोरमदेव धाम पहुंचकर जलाभिषेक के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास, सुख-समृद्धि और सर्वमंगल का संकल्प और अधिक मजबूत होगा।





