पंडरिया में बनेगा 250 सीटर अत्याधुनिक नालंदा परिसर, विद्यार्थियों को मिलेंगी आधुनिक अध्ययन सुविधाएं : भावना बोहरा
पंडरिया। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण अंचलों के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पंडरिया नगर में 250 सीटर नालंदा परिसर लाइब्रेरी की स्थापना के लिए ₹4 करोड़ 41 लाख 49 हजार की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से साकार हो रही है, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सुविधाओं से युक्त एक उत्कृष्ट शैक्षणिक केंद्र मिलेगा।
विधायक भावना बोहरा ने इस उपलब्धि पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नालंदा परिसर केवल एक भवन नहीं, बल्कि पंडरिया विधानसभा के हजारों युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि यह परिसर विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण, आधुनिक पुस्तकालय, डिजिटल अध्ययन संसाधन, वाई-फाई, समाचार-पत्र एवं शांत अध्ययन कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने बताया कि पंडरिया विधानसभा का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी संसाधनों के अभाव में उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। नालंदा परिसर के निर्माण से ऐसे विद्यार्थियों को अब अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण अध्ययन की सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
विधायक बोहरा ने कहा कि शिक्षा और युवा सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए विधानसभा क्षेत्र में कई नवाचार किए गए हैं। महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं के लिए संचालित आठ निःशुल्क बस सेवाओं के माध्यम से अब तक एक हजार से अधिक बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं। वहीं, ‘लक्ष्य निःशुल्क कोचिंग’ कार्यक्रम के तहत लगभग 250 विद्यार्थियों को CGPSC, NEET और IIT-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि आगामी सत्र से वनांचल क्षेत्र कुई-कुकदुर एवं कुंडा में भी छात्राओं के लिए निःशुल्क बस सेवा शुरू की जाएगी। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में महाविद्यालय भवन निर्माण, विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार, अतिरिक्त कक्ष निर्माण तथा खेल परिसरों के विकास जैसे कार्य लगातार प्रगति पर हैं।
भावना बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को साकार करने में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार है। नालंदा परिसर का निर्माण विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराएगी, जिससे वे उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगारोन्मुखी अवसरों में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे तथा क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।





