कबीरधाम में 12 परिवीक्षाधीन उप निरीक्षकों का आगमन, एसपी धर्मेंद्र सिंह ने दी उत्कृष्ट पुलिसिंग की सीख

कवर्धा, कबीरधाम। नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में बुनियादी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद 12 परिवीक्षाधीन उप निरीक्षकों को 10 माह के जिला व्यावहारिक प्रशिक्षण हेतु कबीरधाम जिले में पदस्थ किया गया है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय कबीरधाम में परिचय एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें पुलिस सेवा के मूल उद्देश्यों, दायित्वों एवं कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जिला व्यावहारिक प्रशिक्षण पुलिस जीवन का महत्वपूर्ण चरण है, जहां अधिकारियों को वास्तविक परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था संधारण, अपराध नियंत्रण, अपराध विवेचना, जनसंपर्क एवं सामुदायिक पुलिसिंग की बारीकियों को समझने का अवसर मिलता है।
अपने संबोधन में एसपी धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस सेवा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पण, संवेदनशीलता, निष्पक्षता और जनविश्वास से जुड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एक उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी की पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसके आचरण, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनता के प्रति व्यवहार से होती है। जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे पारदर्शी और संवेदनशील कार्यशैली के माध्यम से अर्जित एवं बनाए रखा जा सकता है।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को वरिष्ठ अधिकारियों एवं अनुभवी पुलिसकर्मियों के अनुभवों से सीख लेने तथा प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने हेतु तकनीकी दक्षता, मानवीय दृष्टिकोण एवं विधिक ज्ञान के समन्वय पर विशेष बल दिया।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं अमित पटेल ने जिले की पुलिस व्यवस्था, अपराध नियंत्रण की रणनीतियों तथा आधुनिक पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। वहीं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय आशीष शुक्ला, उप पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार चंद्राकर एवं उप पुलिस अधीक्षक अंजू कुमारी ने कबीरधाम जिले की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों, थाना प्रबंधन, अपराध विवेचना, सामुदायिक पुलिसिंग तथा विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
मार्गदर्शन सत्र में अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों को अनुशासन, जवाबदेही, टीम वर्क तथा नागरिकों के प्रति संवेदनशील एवं सकारात्मक व्यवहार बनाए रखने की सीख दी। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण अवधि के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन कर स्वयं को एक सक्षम, उत्तरदायी, जनोन्मुख एवं आदर्श पुलिस अधिकारी के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।



