48 लाख का सौंदर्याकरण अधूरा, झुट्टा तालाब सूखा निस्तारी और धार्मिक कार्य प्रभावित, बारिश में भी नहीं भर पाया तालाब; लोगों में भारी आक्रोश

पांडातराई। नगर पंचायत पांडातराई का ऐतिहासिक झुट्टा तालाब इन दिनों अधूरे विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन गया है। करीब 48 लाख रुपये की लागत से चल रहे सौंदर्याकरण एवं निर्माण कार्य के चलते अप्रैल माह में तालाब का पानी पूरी तरह खाली कराया गया था, लेकिन महीनों बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। स्थिति यह है कि बारिश का मौसम होने के बावजूद तालाब सूखा पड़ा है, जिससे नगरवासियों को निस्तारी के साथ-साथ अंतिम संस्कार एवं धार्मिक कर्मकांडों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
झुट्टा तालाब वर्षों से नगरवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां पिंडदान, तिलांजलि, स्नान सहित अनेक धार्मिक संस्कार संपन्न होते रहे हैं। तालाब सूख जाने के कारण अब लोगों को इन कार्यों के लिए दूसरे स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे आमजन में गहरा असंतोष व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा नहीं होना था तो तालाब का पानी अप्रैल में ही खाली क्यों कराया गया। अधूरे निर्माण और जलभराव की व्यवस्था नहीं होने से नगरवासियों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
निर्माण एजेंसी ने कार्य पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया है। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष, संबंधित वार्ड पार्षद और मुख्य नगर पालिका अधिकारी की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
इस संबंध में नगर पंचायत उपाध्यक्ष मनोज ठाकुर ने बताया कि सोमवार से मोटर के माध्यम से तालाब में पानी भरने का कार्य शुरू किया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
नगरवासियों ने मांग की है कि निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कर तालाब को पूर्व की तरह उपयोग योग्य बनाया जाए तथा विकास कार्यों में बरती गई लापरवाही की जवाबदेही भी तय की जाए





