तीन माह का राशन वितरण बना अव्यवस्था की वजह, सैकड़ों गरीब अप्रैल के राशन से वंचित

कवर्धा। गरीब परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से अप्रैल, मई और जून का राशन एक साथ वितरित करने की सरकारी योजना कबीरधाम जिले में अव्यवस्था का कारण बन गई। पर्याप्त तैयारी के अभाव में गोदामों में भंडारण की कमी, परिवहन व्यवस्था की सुस्ती और ई-पॉस मशीन की तकनीकी गड़बड़ियों के चलते सैकड़ों पात्र हितग्राही अप्रैल माह का राशन प्राप्त नहीं कर सके।
जिले की 518 सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों में लगभग 2.98 लाख राशन कार्डधारी परिवार पंजीकृत हैं। तीन माह का करीब 2.61 लाख क्विंटल चावल एक साथ दुकानों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन गोदामों में पर्याप्त जगह नहीं होने और समय पर वाहन उपलब्ध नहीं होने से राशन वितरण प्रभावित हो गया।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब कई उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉस मशीन पर अप्रैल के बजाय सीधे मई और जून माह का वितरण दर्ज कर दिया गया। हितग्राहियों के फिंगरप्रिंट दर्ज हो गए, लेकिन सिस्टम में अप्रैल का राशन लंबित रह गया, जिससे अनेक परिवार चावल, शक्कर और नमक जैसी आवश्यक सामग्री से वंचित रह गए।
जिला खाद्य विभाग ने वितरण में तकनीकी एवं व्यवस्थागत खामियों को स्वीकार करते हुए खाद्य नागरिक आपूर्ति संचालनालय और एनआईसी रायपुर को पत्र भेजकर ई-पॉस मशीन में अप्रैल माह के राशन वितरण का विशेष विकल्प (स्पेशल ऑप्शन) दोबारा खोलने का अनुरोध किया है। जिला खाद्य अधिकारी चंद्रशेखर देवांगन ने बताया कि अनुमति मिलते ही छूटे हुए सभी हितग्राहियों को अप्रैल माह का राशन वितरित किया जाएगा।
समस्या केवल चावल तक सीमित नहीं रही। अप्रैल और मई माह में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के कई राशन कार्डों में ई-पॉस मशीन पर शक्कर वितरण का विकल्प भी उपलब्ध नहीं हुआ, जिसके कारण अनेक हितग्राहियों को दोनों माह की शक्कर नहीं मिल सकी। इस संबंध में सुशासन तिहार के दौरान बड़ी संख्या में शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं।
खाद्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार नेऊरगांव कला, मड़मड़ा और छांटा सहित कई उचित मूल्य दुकानों में सबसे अधिक शिकायतें सामने आई




