कीचड़ बनी सड़क ने छीनी जिंदगी: अस्पताल पहुंचने में देरी से बीमार चरवाहे की मौत

कवर्धा। ग्राम समनापुर से मोतेसरा तक निर्माणाधीन सड़क पर फैले दलदल ने एक ग्रामीण की जान ले ली। समनापुर के डिलवा पारा निवासी कुमार यादव (55) की रविवार रात तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन सड़क पर 2 से 3 फीट तक फैले कीचड़ के कारण वाहन उनके घर तक नहीं पहुंच सका। इलाज में हुई देरी के चलते जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 1.02 करोड़ रुपये की लागत से सड़क का निर्माण किया जा रहा है। आरोप है कि अप्रैल में सड़क पर मिट्टी और मुरुम डालने के बाद निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। बारिश शुरू होते ही पूरी सड़क दलदल में बदल गई, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
परिजनों ने बताया कि रात करीब 10 बजे कुमार यादव के सीने में तेज दर्द उठा। निजी वाहन बुलाया गया, लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वह घर तक नहीं पहुंच सका। मजबूरी में परिजन उन्हें पैदल कीचड़ पार कर वाहन तक ले जाने लगे। रास्ते में उनकी हालत और बिगड़ गई। वाहन को भी दूसरे रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ा, जिससे काफी देर हो गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बाइक, कार तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। दो दिन पहले इसी सड़क पर एक शिक्षक भी कीचड़ में फंस गए थे, जिन्हें ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी ने बारिश से पहले सड़क को सुरक्षित और चलने योग्य बनाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। इससे गांव के लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ठाकुर ने बताया कि समनापुर से मोतेसरा सड़क का निर्माण पहली बार हो रहा है। मई 2026 में कार्य शुरू हुआ है और अनुबंध के अनुसार मार्च 2027 तक निर्माण पूरा किया जाएगा।





