आरोपी पंजीकृत आयुर्वेदिक चिकित्सक नहीं, झोलाछाप है : आयुर्वेदिक परिषद

कवर्धा । छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद, रायपुर ने एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि हाल ही में प्रकाशित समाचार में जिस आरोपी को “आयुर्वेदिक चिकित्सक” बताया गया है, वह परिषद के राज्य रजिस्टर में पंजीकृत नहीं है। परिषद के अनुसार आरोपी बालक दास चंदेल (35 वर्ष) परिषद में पंजीकृत चिकित्सक नहीं है, इसलिए उसे मान्यता प्राप्त आयुर्वेदिक चिकित्सक नहीं माना जा सकता।
परिषद के रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला ने सीजीएन न्यूज़ को बताया कि छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक, यूनानी तथा प्राकृतिक चिकित्सा व्यवसायी अधिनियम, 1970 एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग अधिनियम, 2020 के अनुसार राज्य में केवल परिषद में पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त आयुर्वेद स्नातक ही आयुर्वेद चिकित्सा व्यवसाय करने के पात्र हैं।
रजिस्ट्रार ने कहा कि आरोपी को आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रस्तुत किए जाने से समाज में मान्यता प्राप्त आयुर्वेद चिकित्सकों की छवि प्रभावित होती है और उनके सम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। परिषद ने स्पष्ट किया कि संबंधित आरोपी एक झोलाछाप चिकित्सक है, न कि पंजीकृत आयुर्वेदिक चिकित्सक।
परिषद ने सीजीएन न्यूज़ से आग्रह किया है कि समाचार में यह स्पष्ट किया जाए कि आरोपी मान्यता प्राप्त आयुर्वेदिक चिकित्सक नहीं है। साथ ही स्थानीय प्रशासन से अवैध रूप से आयुर्वेदिक चिकित्सा व्यवसाय करने वाले झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की भी अपील की गई है, ताकि आमजन ऐसे लोगों से सतर्क और सुरक्षित रह सकें।



