विविध

1.88 करोड़ की सड़क तीन साल में ही बदहाल, 39 लाख के मेंटेनेंस के बाद भी गड्ढे

12 किमी सड़क पर जगह-जगह डामर उखड़ा; 12 से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी, बारिश में गड्ढों में भर रहा पानी

कवर्धा/चिल्फीघाटी। बोड़ला विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में करोड़ों रुपए की लागत से बनाई गई सड़क की हालत ने निर्माण और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। धवईपानी से बोक्करखार तक बनाई गई 12.176 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के करीब तीन साल बाद ही जगह-जगह उखड़ गई है। सड़क पर डामर की परत गायब होने के साथ कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 1.88 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई थी। निर्माण के साथ ही सड़क के लिए पांच साल की गारंटी अवधि तय की गई थी। इसके अलावा मेंटेनेंस के लिए 39.39 लाख रुपए का प्रावधान था। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल 2023 से अक्टूबर 2023 के बीच मेंटेनेंस का काम भी कराया गया। इसके बावजूद सड़क की मौजूदा स्थिति यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर मेंटेनेंस के बाद भी सड़क इतनी जल्दी क्यों खराब हो गई।
12 से ज्यादा गांवों का मुख्य रास्ता
धवईपानी-बोक्करखार मार्ग वनांचल के 12 से ज्यादा गांवों को जोड़ता है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में बैगा परिवार रहते हैं। ग्रामीणों के लिए यह सड़क बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है।
बारिश के दौरान समस्या और बढ़ गई है। सड़क के गड्ढों में पानी जमा होने से कई जगह गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल और अन्य राहगीरों को भी परेशानी हो रही है।
सड़क के बोर्ड पर दर्ज हैं ये आंकड़े
जानकारी
विवरण
सड़क की लंबाई
12.176 किमी
निर्माण लागत
188.52 लाख रुपए
गारंटी अवधि
5 वर्ष
मेंटेनेंस प्रावधान
39.39 लाख रुपए
मेंटेनेंस अवधि
अप्रैल 2023 से अक्टूबर 2023
योजना
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
निर्माण से लेकर मेंटेनेंस तक निगरानी की जिम्मेदारी
सड़क निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी संबंधित विभागीय इंजीनियरों की जिम्मेदारी थी। निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, निर्धारित मानकों के अनुसार काम और आवश्यक गुणवत्ता परीक्षणों की जांच की जानी थी। सड़क बनने के बाद गारंटी अवधि में निरीक्षण कर खराब हिस्सों की मरम्मत भी सुनिश्चित की जानी थी।
ऐसे में तीन साल के भीतर सड़क के कई हिस्सों के उखड़ने के बाद निर्माण गुणवत्ता के साथ-साथ मेंटेनेंस कार्य की भी जांच जरूरी हो गई है।
विभाग बोला-बारिश के बाद कराएंगे मरम्मत
मामले में पीएमजीएसवाय के ईई विकास कौशिक का कहना है कि बारिश के बाद सड़क की मरम्मत का काम कराया जाएगा।
हालांकि सवाल यह है कि पांच साल की गारंटी अवधि वाली सड़क में अभी गारंटी खत्म भी नहीं हुई है, फिर भी सड़क की यह स्थिति कैसे बनी और पहले कराए गए मेंटेनेंस के बावजूद खराबी दोबारा क्यों सामने आई।
सिर्फ गड्ढे भरने से नहीं चलेगा काम
सड़क की वर्तमान स्थिति को देखते हुए केवल गड्ढे भरकर मरम्मत करना पर्याप्त नहीं होगा। पूरे 12.176 किमी मार्ग की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क खराब होने की वजह निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और गुणवत्ता है, जल निकासी की समस्या है या मेंटेनेंस कार्य में कमी रही है।
साथ ही निर्माण के समय किए गए गुणवत्ता परीक्षण, निरीक्षण रिपोर्ट और मेंटेनेंस से जुड़े रिकॉर्ड की जांच होने पर जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। खासकर तब, जब सड़क की गारंटी अवधि अभी पूरी नहीं हुई है।

Advertisement Advertisement 2

Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button