बरसाती नाले में बहा 8 वर्षीय मासूम, 15 घंटे बाद 7 किमी दूर आगर नदी में मिला शव

कुकदूर/कवर्धा। कुकदूर थाना क्षेत्र के ग्राम लोखान में मंगलवार शाम बरसाती नाले में बह जाने से एक 8 वर्षीय बालक की दर्दनाक मौत हो गई। करीब 15 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद बुधवार सुबह उसका शव घटनास्थल से लगभग 7 किलोमीटर दूर कमड़ा गांव के पास आगर नदी में गिरे पेड़ की जड़ में फंसा मिला।
मृतक की पहचान कमलेश तिलगाम (8 वर्ष), पिता दुर्गेश तिलगाम के रूप में हुई है। वह प्राथमिक स्कूल लोखान में कक्षा दूसरी का छात्र था। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम स्कूल से लौटने के बाद कमलेश अपने दो दोस्तों के साथ कपाट नाला पार कर कुसुम फल खाने गया था। उस समय नाले का जलस्तर सामान्य था।
शाम करीब 6 बजे तीनों बच्चे वापस लौट रहे थे। दो बच्चे पहले ही नाला पार कर चुके थे, जबकि पीछे चल रहा कमलेश जैसे ही नाले में उतरा, ऊपरी क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई। तेज बहाव में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में बह गया। साथियों ने “कमलेश बह गया…” चिल्लाते हुए गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही कुकदूर पुलिस, तैराकों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर तलाश शुरू की। अंधेरा और तेज बहाव के बावजूद पूरी रात टॉर्च, रस्सियों और अन्य संसाधनों की मदद से रेस्क्यू अभियान जारी रहा। बुधवार सुबह करीब 8 बजे कमड़ा गांव के पास आगर नदी में गिरे पेड़ की जड़ में कमलेश का शव फंसा हुआ मिला। पुलिस ने शव का पंचनामा कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
लगातार बारिश से बढ़ा खतरा
जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। कुकदूर क्षेत्र में इस मानसून में अब तक 350.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है। ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर बच्चों को आज भी बिना पुल और सुरक्षा व्यवस्था के नदी-नाले पार कर स्कूल और अन्य कार्यों के लिए आना-जाना पड़ता है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।
सुरक्षा व्यवस्था की कमी बनी चिंता
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में मानसून के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमी को भी उजागर करती है। संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और स्थानीय स्तर पर निगरानी की व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष ऐसे हादसे सामने आते हैं। समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय और जनजागरूकता बढ़ाकर इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।




