बोड़ला के 3 ब्लैक स्पॉट पर 5 गोवंशों की मौत
टोल के पास तीन टुकड़ों में मिला गाय का शव, नाराज गौसेवकों ने दो घंटे किया हाईवे जाम

सीजीएन न्यूज़ | बोड़ला
रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे-30 पर गोवंशों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों की एक बार फिर पोल खुल गई। बोड़ला क्षेत्र के तीन चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात कई गोवंश हादसों का शिकार हो गए। हादसों में पांच गोवंशों की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो घायल मिले। वहीं टोल प्लाजा के पास एक गाय का शव तीन टुकड़ों में मिला।
गंभीर बात यह है कि बीते सप्ताह गोवंशों की मौत के बाद तत्कालीन कलेक्टर ने एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद ब्लैक स्पॉट पर कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आई। लगातार हो रही मौतों से नाराज गौसेवकों ने बुधवार सुबह बांधाटोला स्थित शनि मंदिर के पास नेशनल हाईवे-30 पर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा और हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। एसडीएम के 24 घंटे में व्यवस्था सुधारने के आश्वासन के बाद जाम समाप्त किया गया।
एक सप्ताह में दूसरी बार गोवंशों की मौत, फिर भी इंतजाम नहीं
पिछले सप्ताह बोड़ला क्षेत्र में 10 गोवंशों की मौत के बाद गौसेवकों ने प्रशासन के सामने हाईवे पर मवेशियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उस समय हाईवे पर मवेशियों की आवाजाही रोकने और पेट्रोलिंग बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन सप्ताहभर बाद ही फिर वही स्थिति सामने आ गई।
जिन स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है, उन्हीं जगहों पर रात में गोवंश सड़क पर बैठे मिले और तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आ गए।
सुबह 6 बजे सामने आया मौतों का मंजर
गौसेवकों के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 6 बजे हाईवे का निरीक्षण किया गया। इस दौरान तीन स्थानों पर गोवंश मृत और घायल अवस्था में मिले।
ब्लैक स्पॉट-1 : शनि मंदिर, बांधाटोला
सड़क पर बैठे गोवंशों के झुंड को अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। हादसे में पांच गोवंशों की मौके पर मौत हो गई।
ब्लैक स्पॉट-2 : बोड़ला बाईपास-कबीर कुटी
यहां दो गोवंश घायल अवस्था में मिले। दोनों को उपचार के लिए भेजा गया।
ब्लैक स्पॉट-3 : टोल प्लाजा
टोल प्लाजा के पास एक गाय का शव तीन टुकड़ों में मिला। गौसेवकों ने आरोप लगाया कि शव काफी देर तक मौके पर पड़ा रहा।
24 घंटे में व्यवस्था सुधारने का आश्वासन
चक्काजाम की सूचना मिलते ही बोड़ला एसडीएम आशुतोष शर्मा, एसडीओपी अभिषेक कौशिक, तहसीलदार हुलेश्वर साहू और थाना प्रभारी रूपक शर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने गौसेवकों से चर्चा की।
एसडीएम ने कलेक्टर से फोन पर बात कर 24 घंटे के भीतर मवेशियों को सुरक्षित स्थानों और गौशालाओं में शिफ्ट कराने तथा हाईवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने का आश्वासन दिया। इसके बाद गौसेवकों ने चक्काजाम समाप्त किया।
8 महीने पहले डिप्टी सीएम ने किया था लोकार्पण, अब तक खड़ी है रेस्क्यू एंबुलेंस
कवर्धा से लेकर नेशनल हाईवे-30 और गांवों की सड़कों तक घायल एवं हादसों में फंसे गोवंशों को रेस्क्यू की जरूरत है। लेकिन उनके लिए खरीदी गई 13.60 लाख रुपए की पशु रेस्क्यू एंबुलेंस पिछले करीब 8 महीने से विभागीय परिसर में खड़ी है।
31 दिसंबर 2025 को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस वाहन का लोकार्पण किया था। दावा किया गया था कि इसके जरिए सड़क हादसों में घायल और बेसहारा मवेशियों को तत्काल रेस्क्यू कर अस्पताल या सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाएगा। लेकिन आठ महीने बाद भी वाहन का नियमित संचालन शुरू नहीं हो सका है।
वाहन है, लेकिन ड्राइवर और बजट नहीं
मामले में प्रभारी पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष देवांगन ने बताया कि वाहन के संचालन के लिए काफी बजट की आवश्यकता है, जो फिलहाल उपलब्ध नहीं है। वाहन चलाने के लिए करीब 10 हजार रुपए मासिक मानदेय पर ड्राइवर की जरूरत है। इसके अलावा डीजल और रखरखाव के लिए भी राशि चाहिए।
अधिकारी के मुताबिक विभाग किसी एनजीओ या सामाजिक संस्था की तलाश कर रहा है, जो वाहन का मेंटेनेंस और संचालन अपने खर्च पर कर सके। ऐसे में सवाल यह है कि जब हाईवे पर लगातार गोवंश हादसों का शिकार हो रहे हैं, तो लाखों रुपए खर्च कर खरीदी गई रेस्क्यू एंबुलेंस आखिर कब सड़क पर उतरेगी?




