कुंडा से पंडरिया 13 किमी, सरकारी सड़क व्यवस्था ने बना दिया 40 किमी का सफर
दोनों नजदीकी रास्ते बंद; जर्जर सड़क और निर्माणाधीन मार्ग से ग्रामीण परेशान, गन्ना सीजन में बढ़ेगी मुश्किल

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कुंडा से ब्लॉक मुख्यालय पंडरिया की दूरी महज 13 किलोमीटर है, लेकिन सरकारी सड़क व्यवस्था ने ग्रामीणों का सफर करीब 40 किलोमीटर कर दिया है। कुंडा आने-जाने वाले दोनों नजदीकी रास्ते फिलहाल बंद होने से ग्रामीणों को फास्टरपुर (मुंगेली) होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे समय के साथ पेट्रोल-डीजल का खर्च भी बढ़ गया है।
महली-कुंडा मार्ग की हालत बदहाल
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी महली-कुंडा सड़क के करीब 6 किलोमीटर हिस्से की हालत बेहद खराब है। रेंगाबोड, गुंझेटा, खम्हरिया और अखरा के पास जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश का पानी भरने से कई गड्ढे डबरी जैसे नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर सड़क का डामर तक दिखाई नहीं देता। दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं और बारिश के दौरान ग्रामीणों को गांव से बाहर निकलने में भी परेशानी हो रही है।
मुख्य समस्या
13 किमी की दूरी अब करीब 40 किमी
• दोनों नजदीकी रास्ते बंद
• महली-कुंडा मार्ग पर हजारों गड्ढे
• फास्टरपुर होकर करना पड़ रहा लंबा सफर
• गन्ना परिवहन शुरू होने पर बढ़ेगा हादसों का खतरा
महका वाला रास्ता भी बंद
कुंडा पहुंचने का दूसरा विकल्प महका होकर जाने वाला मार्ग है, लेकिन करीब एक सप्ताह से यह रास्ता भी बंद है। महका बस्ती के अंदर कंक्रीट सड़क का निर्माण चल रहा है। वहीं सेन्ह्यभाठा से कुंडा तक करीब 3 किलोमीटर सड़क भी निर्माणाधीन है। बारिश के कारण काम प्रभावित होने से इस हिस्से में भी गड्ढे और कीचड़ की समस्या बनी हुई है।
नाली का पानी सीधे सड़क पर, समस्या और गंभीर
सड़क की खराब हालत के लिए निर्माण और मरम्मत की कमी के साथ जल निकासी की समस्या भी जिम्मेदार है। कई जगह घरों का पानी सीधे सड़क पर छोड़ा जा रहा है। कुछ स्थानों पर सड़क से काफी ऊंचाई पर मकान बने होने के कारण बारिश और नाली का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। इससे सड़क तेजी से खराब हो रही है।
गन्ना सीजन में भारी वाहनों से बढ़ेगी परेशानी
कुछ दिनों बाद क्षेत्र में गन्ने का परिवहन शुरू होने वाला है। महली से कुंडा होते हुए पटुआ तक करीब 22 किलोमीटर सड़क संकरी है। दोनों तरफ कीचड़ होने से भारी वाहन फंसते हैं। आमने-सामने वाहन आने पर साइड देने में भी परेशानी होती है। गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां चलने के बाद यह समस्या और गंभीर होने तथा दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने की आशंका है।
कुंडा से आगे भी सड़क अधूरी
कुंडा से माकरी तक सड़क बन चुकी है, लेकिन माकरी के आगे सड़क का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। बारिश के कारण निर्माण कार्य प्रभावित है। इससे दामापुर, पटुआ और आसपास के गांवों के ग्रामीण भी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।
15 साल से बड़ी और चौड़ी सड़क की मांग
क्षेत्र के ग्रामीण पिछले करीब 15 वर्षों से महली-कुंडा-माकरी-पटुआ-कटुतिया-छिरहा-दाढ़ी होते हुए कवर्धा-बेमेतरा मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क की मांग कर रहे हैं। प्रस्तावित मार्ग करीब 40 किलोमीटर का होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ गया है, इसलिए इसे बड़ी और चौड़ी सड़क के रूप में विकसित किया जाना जरूरी है। मनोज ठाकुर, तुलसी, हरेंद्र चंद्राकर, अजित मक्कड़, दिनेश मिश्रा और राजेश शुक्ला ने मार्ग को एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) जैसी बड़ी परियोजना में शामिल कर चौड़ा करने की मांग की है।
मेन रोड से सीधे जुड़ने पर बदलेगी कनेक्टिविटी
ग्रामीणों के अनुसार महली-कुंडा-दामापुर-दाढ़ी मार्ग के बेहतर और चौड़ा होने से कुंडा क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। रायपुर जाने वाले लोगों को कवर्धा या मुंगेली होकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और राजधानी की दूरी करीब 30 किलोमीटर तक कम हो सकती है।
अधिकारी बोले—स्थिति की जानकारी लेकर करेंगे कार्रवाई
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के ईई विकास कौशिक ने कहा कि उन्हें पदभार संभाले अभी दो दिन ही हुए हैं। संबंधित इंजीनियरों से सड़क की स्थिति की जानकारी ली जाएगी और जरूरी कदम उठाए जाएंगे। निर्माणाधीन कार्यों को भी जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा




