दावत के लिए चीतल का शिकार: फंदे में फंसाकर कुल्हाड़ी से मार डाला, 7 शिकारी गिरफ्तार

कवर्धा
बोड़ला। कबीरधाम जिले के बोड़ला परियोजना क्षेत्र के भलपहरी बीट के जंगल में चीतल के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिकारियों ने फंदा लगाकर एक नर चीतल को पकड़ लिया और कुल्हाड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मांस के टुकड़े कर आपस में बांट लिए और घरों में दावत की तैयारी शुरू कर दी। इससे पहले कि मांस पूरी तरह पक पाता, वन विकास निगम की स्पेशल टीम ने आधी रात को छापेमारी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
वन विकास निगम के मंडल प्रबंधक सुनील कुमार ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उप मंडल प्रबंधक दीपिका सोनवानी के निर्देशन में संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर अलग-अलग गांवों में आरोपियों के घरों पर दबिश दी।
500 ग्राम पका मांस, फंदे और कुल्हाड़ियां जब्त
तलाशी के दौरान आरोपियों के घरों से चूल्हे पर पक रहा करीब 500 ग्राम चीतल का मांस बरामद किया गया। इसके अलावा शिकार में इस्तेमाल नायलॉन की रस्सियां, स्टील तार और लकड़ी से बने फंदे तथा चीतल को काटने में प्रयुक्त तीन कुल्हाड़ियां भी जब्त की गईं।
आठ गैर-जमानती धाराओं में दर्ज हुआ मामला
वन विकास निगम ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न गैर-जमानती धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में ग्राम भलपहरी निवासी कमलेशु पटेल (40), श्यामलाल पटेल (26), सनत पटेल (40) तथा ग्राम डेहरीपथरा निवासी मनीराम बैगा (40), गनपत बैगा (40), मंगल बैगा (26) और बिसरू बैगा (30) शामिल हैं।
ग्रामीण बनकर गांव पहुंची टीम
कार्रवाई को सफल बनाने के लिए वन विभाग की टीम ने सरकारी वाहन गांव से पहले ही छोड़ दिए। इसके बाद टीम के सदस्य ग्रामीणों का वेश धारण कर पैदल गांव पहुंचे, ताकि आरोपियों को भनक न लगे। अचानक दबिश देकर सभी आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
वन अधिकारियों का कहना है कि जंगलों में वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं पर सख्ती से निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।





