मानसून में थमी भोरमदेव जंगल सफारी, नवंबर से फिर खुलेगा करियाआमा गेट

कवर्धा। भोरमदेव जंगल सफारी को मानसून के दौरान अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। लगातार बारिश, जंगल के कच्चे मार्गों की खराब स्थिति और वन्यजीवों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने यह निर्णय लिया है। अब पर्यटक नवंबर से करियाआमा गेट के माध्यम से दोबारा जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
सिर्फ एक महीने पहले शुरू हुई इस जंगल सफारी को पर्यटकों का अच्छा प्रतिसाद मिला। 4 मई से शुरू हुए संचालन के बाद लगभग 30 दिनों में 480 से अधिक पर्यटकों ने 36 किलोमीटर लंबे सफारी ट्रैक का भ्रमण किया। इस दौरान करीब 2.75 लाख रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ।
वन विभाग के अनुसार मानसून अवधि का उपयोग अगले पर्यटन सत्र की तैयारियों में किया जाएगा। पूरे 36 किलोमीटर लंबे ट्रैक की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर सफारी अनुभव मिल सके। इसके अलावा जंगल के उन क्षेत्रों की पहचान की जा रही है, जहां भारतीय गौर, भालू और अन्य वन्यजीवों की गतिविधियां अधिक रहती हैं। भविष्य में इन स्थानों पर सुरक्षित व्यू-प्वाइंट और वॉच टावर विकसित करने की योजना है।
वन विभाग का कहना है कि जून से अक्टूबर तक का समय वन्यजीवों के प्रजनन का संवेदनशील काल होता है। इस दौरान जंगल में पर्यटकों और वाहनों की आवाजाही सीमित रखने से वन्यजीवों को प्राकृतिक वातावरण मिलता है और उनके संरक्षण में मदद मिलती है।
जंगल सफारी से स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिला है। एक महीने के भीतर सफारी से जुड़े 17 स्थानीय युवाओं ने गाइड, ड्राइवर और गेट संचालन जैसी जिम्मेदारियां निभाते हुए 75 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित की। वहीं परिसर में संचालित महिला स्व-सहायता समूह की कैंटीन ने भी लगभग 20 हजार रुपये की कमाई कर स्थानीय महिलाओं की आजीविका को मजबूती दी।
वन विभाग को उम्मीद है कि मानसून के बाद बेहतर सुविधाओं और सुरक्षित व्यवस्थाओं के साथ शुरू होने वाला अगला सफारी सीजन पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक साबित होगा।





