विविध
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम देशहित में ऐतिहासिक निर्णय : राजेंद्र चंद्रवंशी
कवर्धा, 16 अप्रैल। संसद में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेंद्र चंद्रवंशी ने राष्ट्रहित…
Read More » RTE प्रवेश विवाद: अशोका पब्लिक स्कूल ने दी सफाई, कहा—“छवि खराब करने की कोशिश”
कवर्धा। जिले में RTE (Right to Education) प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच मजगांव स्थित अशोका पब्लिक…
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24 घंटे में नाबालिक गुमशुदगी का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार – कबीरधाम पुलिस की त्वरित कार्रवाई
कवर्धा, 28 मार्च 2026। कबीरधाम पुलिस ने उत्कृष्ट पुलिसिंग का परिचय देते हुए नाबालिक बालिका की गुमशुदगी के मामले का…
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कवर्धा में होटल-रेस्टोरेंट को कॉमर्शियल गैस आपूर्ति पर रोक, शादी सीजन के ऑर्डर संकट में
कवर्धा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। घरेलू रसोई…
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कबीरधाम जिले में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के सख्त निर्देश
कवर्धा, 14 फरवरी 2026। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित…
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सुशासन तिहार में शिकायत के बाद भी अनदेखी, आत्मानंद स्कूल में नहीं मिली बुनियादी सुविधाएं
चिल्फीघाटी। वनांचल क्षेत्र चिल्फीघाटी स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में करोड़ों रुपए की स्वीकृति के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का…
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भोरमदेव जंगल में शिकार के संकेत, वन विभाग अलर्ट
कवर्धा। भोरमदेव मंदिर के समीप स्थित भोरमदेव तालाब के पास वन्यजीव शिकार से जुड़े संदिग्ध संकेत मिलने के बाद वन…
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अवैध शराब परिवहन पर कबीरधाम पुलिस की सख्त कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
कबीरधाम जिला। जिले में अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत कुण्डा पुलिस को…
Read More » क़ानून किताब में सोता है और अपराध सत्ता की गोद में पलता है… वाह रे न्याय किसी भी सभ्य समाज की नींव न्याय पर टिकी होती है। न्याय वह स्तंभ है, जिसके सहारे आम आदमी अपने अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा की उम्मीद करता है। लेकिन जब वही न्याय व्यवस्था सवालों के घेरे में आ जाए, तब यह केवल कानूनी संकट नहीं रहता — यह नैतिक और सामाजिक विघटन की शुरुआत बन जाता है। आज का सच यह है कि क़ानून अक्सर मोटी-मोटी किताबों और फाइलों में सिमट कर रह गया है। धाराएँ मौजूद हैं, प्रावधान लिखे हुए हैं, संविधान जीवित है — लेकिन ज़मीनी हकीकत में उनका असर बेहद सीमित दिखाई देता है। दूसरी ओर अपराध केवल गलियों या अंधेरी गलियों तक सीमित नहीं रहा; वह अब सत्ता के गलियारों तक पहुंच चुका है, संरक्षण पाता है, और कई बार सम्मानित भी हो जाता है। आम नागरिक के लिए न्याय एक लंबी, थकाऊ और महंगी प्रक्रिया बन चुका है। वर्षों तक चलने वाले मुक़दमे, तारीख़ पर तारीख़, और अंत में या तो अधूरा न्याय या निराशा। गरीब और कमजोर वर्ग के लिए तो न्याय अक्सर सपना ही रह जाता है। वहीं प्रभावशाली लोगों के लिए वही क़ानून लचीला हो जाता है — ज़मानतें आसान, जांच धीमी और फैसले सुविधाजनक। यह विरोधाभास सबसे ज्यादा तब चुभता है जब हम देखते हैं कि छोटे अपराधों पर कठोरता दिखाई जाती है, लेकिन बड़े घोटाले, संगठित अपराध और सत्ता-संरक्षित गलतियाँ या तो दबा दी जाती हैं या समय के साथ भुला दी जाती हैं। ऐसा लगता है मानो क़ानून की आंखों पर पट्टी नहीं, बल्कि चयनात्मक दृष्टि है — वह कमजोर को साफ़ देखता है, ताक़तवर को धुंधला। न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं होता। न्याय का मतलब है निष्पक्ष जांच, ईमानदार प्रशासन, जवाबदेह राजनीति और जागरूक समाज। जब इनमें से कोई भी कड़ी कमजोर पड़ती है, तो पूरा तंत्र लड़खड़ा जाता है। अफ़सोस की बात यह है कि आज कई बार संस्थाएँ एक-दूसरे की जवाबदेही तय करने के बजाय एक-दूसरे को बचाने में लग जाती हैं। इस स्थिति में सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी समाज की बनती है। अगर नागरिक चुप रहें, अन्याय को सामान्य मान लें और हर गलत बात को “यही सिस्टम है” कहकर स्वीकार कर लें, तो फिर बदलाव की उम्मीद कैसे की जा सकती है? सवाल पूछना, सच का साथ देना और गलत के खिलाफ आवाज़ उठाना लोकतंत्र की असली ताक़त है। ज़रूरत है कि क़ानून को फिर से ज़मीन पर उतारा जाए — उसे किताबों से निकालकर जीवन की वास्तविकताओं से जोड़ा जाए। न्याय तेज़ हो, सुलभ हो और सबसे बढ़कर समान हो। सत्ता चाहे कितनी भी ताक़तवर क्यों न हो, उसे जवाबदेह बनाया जाए। क्योंकि जिस दिन अपराध सत्ता की गोद में पलना बंद कर देगा, उसी दिन न्याय वास्तव में जागेगा। तब शायद यह व्यंग्यात्मक पंक्ति इतिहास बन जाएगी — और हम गर्व से कह सकेंगे: यह है न्याय।
ब्रजेश गुप्ता किसी भी सभ्य समाज की नींव न्याय पर टिकी होती है। न्याय वह स्तंभ है, जिसके सहारे आम…
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शिक्षा सपनों की उड़ान” थीम पर तक्ष पब्लिक इंग्लिश मीडियम स्कूल कवर्धा का भव्य वार्षिकोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह सम्पन्न
कवर्धा | कवर्धा — अकादमिक सत्र 2025–26 के अवसर पर तक्ष पब्लिक इंग्लिश मीडियम स्कूल में “शिक्षा सपनों की उड़ान”…
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