कृषि विभाग के अधिकारी मोहंती फोन तक नहीं उठाते! किसानों की समस्याओं पर सुनवाई कौन करेगा?
किसानों की शिकायतों पर विभाग की जवाबदेही पर सवाल, कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कबीरधाम जिले में कृषि विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। किसानों से जुड़े मामलों में जानकारी लेने और विभागीय पक्ष जानने के लिए कृषि अधिकारी मोहंती से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। इतना ही नहीं, उनके फोन नहीं उठाने को लेकर अन्य लोगों से भी शिकायतें मिलने की बात सामने आई है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब विभागीय अधिकारी ही फोन पर उपलब्ध नहीं होंगे, तो किसान अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर आखिर किसके पास जाएंगे? कृषि विभाग किसानों को योजनाओं की जानकारी देने, खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने और शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जिम्मेदार है। ऐसे में अधिकारियों की उपलब्धता और आम लोगों से संवाद बेहद जरूरी है।
कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
कृषि विभाग से जुड़े मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है। यदि अधिकारी फोन पर उपलब्ध नहीं होते हैं, तो किसानों और आम नागरिकों को विभागीय जानकारी प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। कलेक्टर को इस मामले का संज्ञान लेकर अधिकारियों की जनसुनवाई व्यवस्था और शिकायतों के निराकरण की समीक्षा करनी चाहिए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसानों की समस्याओं को अनसुना न किया जाए।
सवालों के घेरे में विभागीय जवाबदेही
कृषि अधिकारी मोहंती फोन क्यों नहीं उठाते? किसानों और आम नागरिकों की शिकायतों के लिए विभाग में वैकल्पिक व्यवस्था क्या है? क्या अधिकारियों की उपलब्धता और शिकायतों के निराकरण की नियमित समीक्षा होती है? इन सवालों पर कृषि विभाग का पक्ष सामने आना जरूरी है।
सीजीएन न्यूज़ का सवाल: किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में जिम्मेदार अधिकारी संपर्क से बाहर रहें, तो उनकी समस्याओं का समाधान कैसे होगा? जिला प्रशासन को इस व्यवस्था की समीक्षा कर जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।





