3 किमी सड़क पर 120 से ज्यादा गड्ढे, बारिश में भरा पानी; 15 गांवों के लोगों की बढ़ी परेशानी

CGN News | कवर्धा/दामापुर
कुंडा तहसील क्षेत्र के ग्राम सैहामालगी से कोदवा तक करीब 3 किलोमीटर सड़क पिछले कई वर्षों से बदहाल है। बारिश के बाद सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। सड़क पर 120 से ज्यादा गड्ढे हो गए हैं। जगह-जगह पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं देते। कई हिस्सों में सड़क की जगह सिर्फ पानी और कीचड़ नजर आ रहा है। ऐसे में इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा हो गया है।
इस मार्ग से समनापुर, भटरुसे, कोयलारी कला, मरका सहित 15 से अधिक गांवों के ग्रामीणों का रोजाना आवागमन होता है। सड़क खराब होने से मरीजों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर कई बड़े गड्ढे हैं। बारिश का पानी भरा होने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।
वाहन चालकों को नहीं दिखते गड्ढे, हादसे का खतरा
सैहामालगी से कोदवा मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। पानी भरने के कारण वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चलता। ग्रामीणों का कहना है कि कई दोपहिया वाहन चालक गड्ढों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने किया विरोध, जल्द मरम्मत की मांग
सड़क की बदहाल स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी सड़क निर्माण में समय लग सकता है, लेकिन फिलहाल गड्ढों में मुरुम, गिट्टी और बजरी डालकर उन्हें भरा जाए, ताकि बारिश के दौरान आवागमन में कुछ राहत मिल सके।
एंबुलेंस के लिए भी रास्ता मुश्किल, मरीजों की आफत
खराब सड़क का असर मरीजों और आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की हालत खराब होने से एंबुलेंस को गांवों तक पहुंचने में परेशानी होती है। आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में अतिरिक्त समय लगने की आशंका रहती है। बारिश के दिनों में गंभीर मरीज को इस मार्ग से अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।
स्कूली बच्चों को भी रोज उठानी पड़ रही परेशानी
इस मार्ग से आसपास के गांवों के स्कूली बच्चे भी रोजाना गुजरते हैं। पानी और कीचड़ के बीच से निकलने के दौरान बच्चों को परेशानी होती है। सड़क पर भरे पानी के कारण गड्ढों का पता नहीं चलने से हादसे की आशंका बनी रहती है।
ईई ने कहा- सड़क की स्थिति दिखवाता हूं
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के ईई एसके ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण होना है। सड़क की स्थिति को दिखवा लेता हूं।
गड्ढे नहीं भरे तो ग्रामीणों ने लगा दिए पौधे
पंडरिया-कुंडा क्षेत्र के ग्राम अमलीमालगी-दामापुर मुख्य मार्ग की हालत भी बारिश में खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढों में पानी भर गया है। इससे नाराज ग्रामीणों ने पानी से भरे गड्ढों में कनेर के फूल लगाकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क लंबे समय से खराब है और बारिश के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। पानी भरने के बाद गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन चालक इनमें फंसकर या गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
तत्काल मुरुम और गिट्टी डालने की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से सड़क का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पक्की सड़क बनने में समय लग सकता है, लेकिन फिलहाल मुरुम और गिट्टी डालकर गड्ढों को भर दिया जाए। इससे लोगों को आवागमन में राहत मिल सकेगी। विरोध प्रदर्शन में प्रशांत खांडे, इंद्रजीत चतुर्वेदी सहित ग्रामीण मौजूद रहे।




