एनालॉग पनीर मिला तो खैर नहीं: रेस्टोरेंट-डेयरी संचालकों पर नगर पालिका की सख्ती, जियो-टैग वीडियो से होगी सफाई की निगरानी

CGN News | कवर्धा। शहर के रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों पर अब नगर पालिका परिषद ने शिकंजा कस दिया है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नगर पालिका ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी प्रतिष्ठान में एनालॉग यानी गैर-दुग्ध पनीर या अन्य गैर-दुग्ध उत्पादों को वास्तविक दुग्ध उत्पाद के रूप में बेचते, उपयोग करते, भंडारण करते या वितरित करते पाया गया तो संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम सहित प्रचलित नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
31 जुलाई के राजपत्र के निर्देशों का सख्ती से पालन
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नारायण साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा राजपत्र क्रमांक 424, दिनांक 31 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के तहत एनालॉग पनीर तथा ऐसे गैर-दुग्ध उत्पाद, जिन्हें वास्तविक दुग्ध उत्पाद के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, पर प्रतिबंध संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुपालन में नगर पालिका ने कवर्धा शहर के सभी रेस्टोरेंट एवं डेयरी संचालकों को पत्र जारी कर प्रतिबंधित उत्पादों से पूरी तरह दूर रहने के निर्देश दिए हैं।
नगर पालिका ने साफ चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित पनीर या खाद्य सामग्री मिली तो कार्रवाई सीधे संचालक पर होगी। इसके अलावा प्रतिबंधित उत्पाद का निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण, विक्रय अथवा उपयोग भी कार्रवाई के दायरे में आएगा।
सप्ताह में चार दिन सफाई, जियो-टैग वीडियो भी अनिवार्य
नगर पालिका ने प्रतिष्ठानों की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए हैं। रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों को अपने किचन, खाद्य निर्माण स्थल, स्टोरेज एरिया और पूरे परिसर की नियमित सफाई करनी होगी। इतना ही नहीं, सप्ताह में कम से कम चार दिन की सफाई का जियो-टैग युक्त फोटो-वीडियो नगर पालिका को उपलब्ध कराना होगा।
इस व्यवस्था के जरिए नगर पालिका यह सुनिश्चित करेगी कि संचालक केवल कागजों में सफाई का दावा न करें, बल्कि वास्तव में प्रतिष्ठानों में स्वच्छता व्यवस्था कायम रखें।
अचानक निरीक्षण में गंदगी मिली तो होगी कार्रवाई
नगर पालिका परिषद और संबंधित विभाग द्वारा रेस्टोरेंट एवं डेयरी प्रतिष्ठानों का कभी भी निरीक्षण किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान गंदगी, अस्वच्छता, खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन या प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद मिलने पर संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि सफाई का जियो-टैग वीडियो निर्धारित अवधि में उपलब्ध नहीं कराने पर भी संचालक की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: चंद्रवंशी
नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों से शासन के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठानों में केवल गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री का उपयोग किया जाए और किचन सहित पूरे परिसर को स्वच्छ रखा जाए। नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नगर पालिका के इस सख्त रुख के बाद अब शहर के रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों के सामने साफ संदेश है कि खाद्य सामग्री में मिलावट और सफाई में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है।





