रंगीन प्रिंटर से नकली नो टों की फोटो कॉपी, पेपर-टोनर खरीद के सुराग से खुलीं गिरोह की परतें
जुनवानी रोड के निर्माणाधीन मकान में चल रही थी नकली नोट तैयार करने की तैयारी, मोबाइल लोकेशन और खरीदारी के बिल बने अहम सबूत

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
नकली नोट छापने के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, गिरोह की तैयारी और साजिश की परतें भी खुलती जा रही हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने नकली नोट तैयार करने के लिए कवर्धा शहर की अलग-अलग दुकानों से रंगीन प्रिंटर, कागज और टोनर खरीदा था। पुलिस के मुताबिक, इसी रंगीन प्रिंटर से असली नोटों की फोटो कॉपी कर नकली नोट तैयार किए गए।
एकता चौक से पेपर, मस्जिद रोड से खरीदा प्रिंटर
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने एकता चौक स्थित दुकान से प्रिंटर में इस्तेमाल होने वाले पेपर का बंडल खरीदा था। वहीं मस्जिद रोड स्थित कंप्यूटर दुकान से रंगीन प्रिंटर खरीदा गया। दुकान से मिले बिल और दुकानदार की पहचान ने आरोपी रामप्रसाद बंजारे और सतीश कुमार की गतिविधियों को जोड़ने में पुलिस की मदद की।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जो मशीन खरीदी थी, वह ऑल-इन-वन प्रिंटर है। इसमें प्रिंटिंग के साथ स्कैनिंग और फोटो कॉपी की सुविधा भी मौजूद है। बोड़ला एसडीओपी अखिलेश कौशिक के मुताबिक इसी मशीन का इस्तेमाल नकली नोटों की फोटो कॉपी तैयार करने में किया गया।
एक सप्ताह बाद फिर पहुंचे टोनर लेने
प्रिंटर खरीदने के करीब एक सप्ताह बाद आरोपी दोबारा उसी दुकान पर पहुंचे और रंगीन टोनर खरीदा। पुलिस के लिए यह घटनाक्रम अहम सुराग साबित हुआ। खरीदारी से जुड़े बिल, दुकानदारों के बयान और आरोपियों की गतिविधियों की जांच के बाद पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
जुनवानी रोड के निर्माणाधीन मकान में तैयार हो रहे थे नकली नोट
आरोपियों ने जुनवानी रोड पर एक निर्माणाधीन मकान किराए पर लिया था। पुलिस के अनुसार मकान अपेक्षाकृत एकांत स्थान पर है और वहां लोगों की आवाजाही भी कम रहती है। मकान चोरभट्टी निवासी एक व्यक्ति का बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक मकान किराए पर लेते समय आरोपियों ने कोई पहचान पत्र नहीं दिया था। किराए की रकम भी रामप्रसाद ने ही दी थी। पुलिस अब मकान के इस्तेमाल और वहां की गई गतिविधियों से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
ज्यादा सीरियल नंबर जुटाने के लिए ली थी उधारी
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने अलग-अलग नोटों के सीरियल नंबर जुटाने की योजना बनाई थी। अधिक से अधिक सीरियल नंबर हासिल करने के लिए रकम उधार ली गई थी। पुलिस के अनुसार अप्रैल में घुरवा राम ने दिनेश कुमार यादव से 3.75 लाख रुपए उधार लिए थे। बाद में यह रकम लौटाने के नाम पर 4.50 लाख रुपए के नकली नोट देने की कोशिश की गई। इसी दौरान पूरा मामला पुलिस की पकड़ में आया।
पहले किया इनकार, बिल सामने आते ही जांच के आगे टूटा दावा
पूछताछ में आरोपी रामप्रसाद बंजारे शुरुआत में अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करता रहा। इसके बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों और मोबाइल लोकेशन की जांच की। मोबाइल लोकेशन को उन दुकानों से मिलाया गया, जहां से प्रिंटर, पेपर और टोनर खरीदे गए थे।
दुकानदारों द्वारा उपलब्ध कराए गए खरीदारी के बिल और अन्य साक्ष्यों से पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ दीं। जांच का तथ्यात्मक आधार मजबूत होने के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ आगे बढ़ाई।
राजनांदगांव की एएनआई कोर्ट में होगी सुनवाई
पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 101/26 के तहत बीएनएस की धाराओं में कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार प्रकरण में बीएनएस की धारा 178, 179, 180 और 181 के तहत कार्रवाई की गई है। मामले का चालान एएनआई कोर्ट में पेश किया जाएगा और सुनवाई राजनांदगांव स्थित एएनआई कोर्ट में होगी।
पुलिस की जांच अब नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल सामग्री, आरोपियों की गतिविधियों, आर्थिक लेनदेन और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर केंद्रित है।




