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ड्राइविंग सीट के ऊपर बना था ‘गांजे का गुप्त गोदाम’, पंजाब का तस्कर गिरफ्तार

CGN NEWS | कवर्धा/चिल्फी घाटी
कवर्धा/चिल्फीघाटी। चिल्फी बॉर्डर पर पुलिस ने गांजा तस्करी की बड़ी खेप पकड़ते हुए पंजाब के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। तस्करी के लिए इस्तेमाल किए गए 27 लाख रुपए कीमत के कंटेनर में ड्राइवर सीट के ठीक ऊपर गुप्त चेंबर बनाया गया था। इसी चेंबर में खाकी रंग के टेप से लिपटे पैकेटों में 4 क्विंटल 47 किलो 445 ग्राम गांजा छिपाकर रखा गया था।
पुलिस ने 31 अगस्त को एनएच-30 पर चिल्फी थाना के सामने वाहन जांच के दौरान कंटेनर को रोका। तलाशी के दौरान गुप्त चेंबर का पता चला और उसमें गांजा बरामद हुआ। मामले में पंजाब के अमृतसर जिले के गांव चाटीपिंड निवासी बलजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
2.23 करोड़ रुपए के गांजे की बरामदगी
पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 2 करोड़ 23 लाख 75 हजार 250 रुपए है। इसके अलावा करीब 27 लाख रुपए कीमत का कंटेनर और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। कुल जब्ती का मूल्य 2 करोड़ 50 लाख 80 हजार 250 रुपए बताया गया है।
ओडिशा से हरियाणा ले जा रहा था खेप
पूछताछ में सामने आया कि गांजा ओडिशा के मलकानगिरी से लोड किया गया था। इसे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के रास्ते हरियाणा पहुंचाया जाना था। कंटेनर ओडिशा से महासमुंद, रायपुर, बेमेतरा और कवर्धा होते हुए चिल्फीघाटी पहुंचा था।
हावभाव पर नजर रखी, बातचीत में खुला राज
गांजा सामान्य माल के बीच नहीं रखा गया था। ड्राइवर सीट के ऊपर विशेष तरीके से गुप्त चेंबर तैयार किया गया था। शुरुआती जांच में कंटेनर सामान्य नजर आया और कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
पुलिस अधिकारियों ने ड्राइवर से बातचीत जारी रखी और उसके हावभाव पर बारीकी से नजर रखी। उसके व्यवहार से पुलिस को संदेह हुआ। इसके बाद गुप्त चेंबर की जांच की गई, जहां गांजे के पैकेट बरामद हो गए।
आरोपी पैडलर, मुख्य सरगना की तलाश
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी तस्करी नेटवर्क में एक पैडलर की भूमिका में था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लिया गया था, इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था और हरियाणा में इसकी सप्लाई किसे की जानी थी। एएनटीएफ टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।
एसपी जितेन्द्र यादव ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
ओडिशा में सस्ता, दूसरे राज्यों में कई गुना कीमत
पुलिस के अनुसार ओडिशा में गांजे की कीमत करीब 2 से 3 हजार रुपए किलो तक बताई जाती है। वहीं छत्तीसगढ़ पहुंचने पर इसकी कीमत करीब 50 हजार रुपए किलो तक पहुंच जाती है। दूसरे राज्यों में पहुंचने के बाद इसकी कीमत और बढ़ जाती है। इसी मुनाफे के चलते तस्कर लंबी दूरी तक गांजे की खेप पहुंचाते हैं।
ओडिशा के 8 जिलों में अवैध खेती का नेटवर्क
रायगढ़ा, मलकानगिरी, कोरापुट, बौध, कंधमाल, गजपति, गंजाम और नबरंगपुर में अवैध गांजा खेती के मामले सामने आते रहे हैं। इन जिलों के कई इलाके जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में होने वाली अवैध खेती पर निगरानी और कार्रवाई चुनौतीपूर्ण रहती है।
पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का पुरस्कार
कार्रवाई में चिल्फी थाना प्रभारी निरीक्षक बीरेन्द्र वर्मा, एएसआई बीरबल साहू, आरक्षक सुनील मरावी, जितेंद्र चन्द्रवंशी, पंकज यादव और दिलीप जायसवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आईजी राजनांदगांव रेंज अजय यादव ने कबीरधाम पुलिस और चिल्फी थाना टीम की कार्रवाई पर 25 हजार रुपए नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com

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