6.66 करोड़ की सड़क टेंडर में, प्रस्तावित मार्ग पर पहले ही बिछ गई मुरुम; अवैध प्लाटिंग के आरोपों से बढ़ा विवाद

कवर्धा। कबीरधाम जिले में सड़क निर्माण को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिस सड़क परियोजना की निविदा प्रक्रिया अभी पूरी भी नहीं हुई है, उसी प्रस्तावित मार्ग पर पहले से मुरुम बिछा दी गई है। इससे निर्माण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, इसी मार्ग से लगी करीब 13 एकड़ कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग की शिकायत भी जिला प्रशासन तक पहुंच चुकी है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से लगे भागूटोला–जेवड़न–कैलाश नगर मार्ग पर लोक निर्माण विभाग की कुल 6.66 करोड़ रुपए की दो सड़क परियोजनाएं वर्तमान में निविदा प्रक्रिया में हैं। ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के मुताबिक अभी ठेकेदार का अंतिम चयन और कार्यादेश जारी नहीं हुआ है। इसके बावजूद मौके पर सड़क पर मुरुम बिछी हुई मिली।
सबसे अहम बात यह है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी इस कार्य से अनभिज्ञ हैं। विभाग के अनुसार उन्होंने इस तरह का कोई कार्य प्रारंभ नहीं कराया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि विभाग की जानकारी और अनुमति के बिना प्रस्तावित सरकारी सड़क के मार्ग पर मुरुम किसने और किस उद्देश्य से डलवाई।
दो परियोजनाओं की कुल लागत 6.66 करोड़ रुपए
परियोजना के तहत भागूटोला (सरस्वती शिशु मंदिर) से जेवड़न तक 1 किलोमीटर सड़क का निर्माण करीब 1.33 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित है। वहीं जेवड़न कला से कैलाश नगर तक पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण पर लगभग 5.32 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। दोनों परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 6.66 करोड़ रुपए है।
अवैध प्लाटिंग की शिकायत से जुड़ा मामला
25 जून को युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव आकाश केशरवानी ने कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि कैलाश नगर से जेवड़न मार्ग तक कृषि भूमि, शासकीय भूमि, नालों और नदी तट के आसपास बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। शिकायत में जेवड़न कला के कई खसरा नंबरों का उल्लेख करते हुए बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि प्रस्तावित सरकारी सड़क बनने से आसपास की जमीनों के दाम कई गुना बढ़ सकते हैं, जिससे अवैध प्लाटिंग करने वालों को आर्थिक लाभ मिलने की आशंका है। शिकायत की प्रतिलिपि एसडीएम, नगर एवं ग्राम निवेश, जिला पंजीयक और लोक निर्माण विभाग को भी भेजी गई है।
पांच दिन बाद भी जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं
शिकायत दिए जाने के कई दिन बाद भी जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का पक्ष
लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता रंजीत घाटगे ने बताया कि भागूटोला-जेवड़न सड़क अभी टेंडर प्रक्रिया में है और विभाग की ओर से मुरुम नहीं बिछाई गई है। यह कार्य किसने कराया, इसकी जानकारी नहीं है।
बोड़ला एसडीएम सागर सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्हें इस संबंध में लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी।
नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के उपसंचालक एस.एल. गायकवाड़ ने कहा कि जिले में हाउसिंग बोर्ड के अलावा किसी अन्य को कॉलोनी विकसित करने की अनुमति नहीं दी गई है।





