3-4 दिनों में छत्तीसगढ़ पहुंचेगा मानसून, कई राज्यों में बारिश और लू का अलर्ट

कवर्धा/छत्तीसगढ़ । दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 3 से 4 दिनों में इसके छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में पहुंचने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, वर्तमान में मानसून नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और असम-अरुणाचल प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में प्रवेश कर चुका है।
पिछले 24 घंटों के दौरान केरल में अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई। मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल देवगढ़, कोप्पल, अनंतपुर और चेन्नई से होकर गुजर रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वायुमंडल के निचले और मध्य स्तरों पर बने चक्रवाती परिसंचरण तथा निम्न दबाव क्षेत्रों के कारण मानसून की प्रगति तेज बनी हुई है।
पूर्वी-मध्य अरब सागर, दक्षिण कोंकण तट और पूर्वोत्तर असम के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है। वहीं, तटीय कर्नाटक से तटीय आंध्र प्रदेश तक फैली ट्रफ रेखा मानसूनी हवाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस बीच, बारिश को देखते हुए जल्दबाजी में बुआई न करें। उन्होंने कहा कि 15 जून तक राज्य में व्यापक मानसूनी वर्षा की संभावना कम है।
कई राज्यों में बारिश, तो कहीं लू का असर
मौसम विभाग ने देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मौसम परिस्थितियों की चेतावनी जारी की है। 7 से 11 जून के बीच पश्चिमी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भीषण लू चलने की आशंका है। इन इलाकों में गर्म हवाओं के साथ गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।
वहीं, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 7 से 13 जून के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
छत्तीसगढ़ में बढ़ी उम्मीदें
मानसून की तेज प्रगति को देखते हुए छत्तीसगढ़ में किसानों और आम लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय हो जाएगा, जिससे गर्मी से राहत मिलने के साथ खरीफ फसलों की तैयारी भी शुरू हो सकेगी।




