सी जी एन न्यूज़ | खास इंटरव्यू कबीरधाम में 26 परिवहन सुविधा केंद्रों का नेटवर्क, गांव-गांव तक पहुंच रही परिवहन सेवाएं
राजस्व वसूली में भी विभाग का बेहतर प्रदर्शन, ऑनलाइन ऑटो-अप्रूवल से घटे आरटीओ कार्यालय के चक्कर

कवर्धा। कबीरधाम जिले में परिवहन विभाग की सेवाओं को जिला मुख्यालय से बाहर तक पहुंचाने के लिए 26 परिवहन सुविधा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। विभागीय सूची में बोड़ला, पोंडी, बैजलपुर, चिल्फी, कवर्धा, पिपरिया, बाजार चारभाटा, गोरखपुर, लोहारा, सिंगारपुर, पंडरिया, कुंडा, खैरडोंगरी, पंडातराई और रेंगाखार कला सहित विभिन्न क्षेत्रों के केंद्र शामिल हैं। � �
परिवहन सेवाओं की पहुंच, सुविधा केंद्रों की मॉनिटरिंग, ऑनलाइन व्यवस्था और राजस्व प्राप्ति को लेकर सी जी एन न्यूज़ ने जिला परिवहन अधिकारी गौरव पाटिले से खास बातचीत की।
सी जी एन न्यूज़:
जिले में 26 परिवहन सुविधा केंद्र हैं। क्या इनका उद्देश्य सिर्फ सुविधा देना है या वास्तव में गांव और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को आरटीओ की सेवाओं के लिए जिला मुख्यालय आने से राहत मिली है?
आरटीओ गौरव पाटिले:
परिवहन सुविधा केंद्रों का उद्देश्य ही सेवाओं को लोगों के नजदीक उपलब्ध कराना है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में केंद्र संचालित होने से नागरिकों को हर छोटे काम के लिए कवर्धा आने की आवश्यकता कम हो रही है। बोड़ला से लेकर चिल्फी, कवर्धा, पंडरिया, कुंडा, पंडातराई और रेंगाखार कला तक विभिन्न क्षेत्रों में सुविधा केंद्रों का नेटवर्क बनाया गया है। विभाग का प्रयास है कि परिवहन संबंधी सेवाएं लोगों को उनके क्षेत्र में ही आसानी से उपलब्ध हों। �
सी जी एन न्यूज़:
26 केंद्रों का नेटवर्क सुनने में बड़ा है, लेकिन असली सवाल इनकी मॉनिटरिंग का है। क्या विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि सुविधा केंद्रों पर नागरिकों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही काम हो और उन्हें बिचौलियों या अनावश्यक अतिरिक्त खर्च के लिए मजबूर न होना पड़े?
आरटीओ गौरव पाटिले:
विभाग का उद्देश्य नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराना है। सुविधा केंद्रों की व्यवस्था का मकसद ही लोगों की परेशानी कम करना है। सेवाओं में पारदर्शिता और नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो, इस दिशा में विभाग लगातार काम कर रहा है।
सी जी एन न्यूज़:
ऑनलाइन व्यवस्था को लेकर विभाग लगातार सुविधा की बात कर रहा है। क्या अब लाइसेंस या वाहन संबंधी काम के लिए लोगों को आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत पहले की तुलना में कम हुई है?
आरटीओ गौरव पाटिले:
हां। ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कई सेवाएं ऑनलाइन ऑटो-अप्रूवल व्यवस्था से जुड़ी हैं। इनमें आधार नंबर बेस पर आवेदन, लाइसेंस नवीनीकरण, पता परिवर्तन और द्वितीय प्रति लाइसेंस जैसे कार्य शामिल हैं। इसी तरह वाहन संबंधी द्वितीय प्रति आरसी बुक, नामांतरण, पता परिवर्तन, वित्तपोषक दर्ज और वित्तपोषक निरस्त जैसे कार्य भी ऑनलाइन ऑटो-अप्रूवल से किए जा रहे हैं। इससे आवेदक को कार्यालय आने की आवश्यकता कम हुई है। �
सी जी एन न्यूज़:
लेकिन ग्रामीण और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था कितनी आसान है? क्या वे मोबाइल से ही आवेदन कर सकते हैं?
आरटीओ गौरव पाटिले:
कई सेवाओं के लिए आवेदक अपने मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। इससे कार्यालय आने की आवश्यकता कम होती है और समय की बचत होती है। विभाग का प्रयास है कि तकनीक के माध्यम से नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं घर के नजदीक उपलब्ध कराई जाएं
सी जी एन न्यूज़:
अब बात राजस्व की। परिवहन विभाग सरकार के लिए महत्वपूर्ण राजस्व स्रोतों में शामिल है। 2025-26 में विभाग ने कितना राजस्व अर्जित किया और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक क्या स्थिति है?
आरटीओ गौरव पाटिले:
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 53 करोड़ 94 लाख 18 हजार 242 रुपए राजस्व की प्राप्ति हुई। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से जुलाई तक 16 करोड़ 53 लाख 78 हजार 531 रुपए राजस्व प्राप्त हो चुका है। �
सी जी एन न्यूज़:
एक तरफ ऑनलाइन सेवाएं बढ़ रही हैं और दूसरी तरफ राजस्व में भी बड़ी राशि सामने आ रही है। आगे विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या होगी—राजस्व बढ़ाना, ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार या ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा को और मजबूत करना?
आरटीओ गौरव पाटिले:
विभाग की प्राथमिकता नागरिकों को सुविधाजनक और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार, सुविधा केंद्रों के माध्यम से लोगों तक पहुंच और राजस्व संबंधी कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करना लगातार प्राथमिकता में रहेगा।
खास बॉक्स | सी जी एन न्यूज़ की पड़ताल
26 — कबीरधाम में परिवहन सुविधा केंद्र
₹53.94 करोड़ — वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व प्राप्ति
₹16.53 करोड़ — अप्रैल से जुलाई 2026 तक राजस्व प्राप्ति
ऑनलाइन ऑटो-अप्रूवल — लाइसेंस और वाहन संबंधी कई सेवाएं
मोबाइल से आवेदन — कई सेवाओं में कार्यालय आने की जरूरत कम
गांवों तक नेटवर्क — बोड़ला, चिल्फी, पंडरिया, कुंडा, पंडातराई, रेंगाखार कला सहित विभिन्न क्षेत्रों में केंद्र �




