भूजल स्तर गिरा, नदी-नाले सूखे, 80% गांवों में हैंडपंप बंद

कवर्धा/पंडरिया। ब्लॉक क्षेत्र में लगातार गिर रहे भूजल स्तर के कारण पेयजल संकट गहराने लगा है। क्षेत्र के अधिकांश नदी-नाले सूख चुके हैं और 80 प्रतिशत से अधिक गांवों, स्कूलों तथा सरकारी संस्थानों के हैंडपंप बंद पड़ गए हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के सदस्यों ने विधायक, कलेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल संरक्षण और व्यापक पौधरोपण अभियान चलाने की मांग की है।
समिति के सदस्यों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही पेड़ों की कटाई के कारण भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। इसका असर अब पेयजल स्रोतों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। हर वर्ष यह समस्या और अधिक गंभीर होती जा रही है। समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में लोगों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ज्ञापन में जिले की सभी शासकीय संस्थाओं में प्रत्येक कर्मचारी से कम से कम एक पौधे का संरक्षण सहित पौधरोपण कराने, विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करने तथा सभी विभागों को परिसर के ढलान वाले क्षेत्रों में सोखता गड्ढा (रिचार्ज पिट) निर्माण कराने के निर्देश जारी करने की मांग की गई है। समिति का कहना है कि इससे बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने और भूजल स्तर में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण में सहयोग की अपील
पर्यावरण संरक्षण समिति ने मानसून सीजन में अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की है। समिति के अनुसार ब्लॉक के ग्राम डबरी, नरौली, महली, सूरजपुरा, नवागांव, नानापुरी, कोड़ापुरी, महका, बघर्रा सहित दर्जनभर से अधिक गांव पेयजल संकट और भूजल कमी से प्रभावित हैं। वर्तमान में कई गांवों में लोगों की पेयजल जरूरतें केवल कुछ सीमित बोरवेलों के सहारे पूरी हो रही हैं, जिससे स्थिति और चिंताजनक बनती जा रही है।


