केशदा-इकनामा-चेलिकामा लौह अयस्क ब्लॉक आरक्षण के विरोध में ज्ञापन, पर्यावरण और जलस्रोतों पर खतरे की आशंका
कवर्धा, 8 जून 2026
कबीरधाम जिले के केशदा-इकनामा-चेलिकामा क्षेत्र को लौह अयस्क खनन हेतु एमएमडीआर अधिनियम की धारा 17(ए) के अंतर्गत आरक्षित किए जाने की अनुशंसा केशदा-इकनामा-चेलिकामा लौह अयस्क ब्लॉक आरक्षण के विरोध में ज्ञापन, पर्यावरण और जलस्रोतों पर खतरे की आशंका
कवर्धा, 8 जून 2026
कबीरधाम जिले के केशदा-इकनामा-चेलिकआमा क्षेत्र को लौह अयस्क खनन हेतु एमएमडीआर अधिनियम की धारा 17(ए) के अंतर्गत आरक्षित किए जाने की अनुशंसा के विरोध में क्षेत्रीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है। इस संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अनुशंसा को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रस्तावित क्षेत्र केवल खनिज संपदा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कबीरधाम जिले की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर भी है। क्षेत्र घने वनों, पहाड़ियों, प्राकृतिक जलस्रोतों तथा समृद्ध जैव विविधता से परिपूर्ण है, जहां अनेक प्रकार के वन्यजीव और पक्षी निवास करते हैं। खनन गतिविधियों से बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई, धूल एवं वायु प्रदूषण तथा भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
ज्ञापन में विशेष रूप से प्रस्तावित जमगड़ा जलाशय का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि यह परियोजना भविष्य में लोहारा नगर और आसपास के गांवों को पेयजल एवं सिंचाई जल उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण आधार बनेगी। खनन कार्यों से जलाशय के जलग्रहण क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे वर्षाजल संचयन बाधित होगा और जलाशय की जलधारण क्षमता में कमी आ सकती है। साथ ही खनन से उत्पन्न मिट्टी एवं गाद (सिल्ट) जलाशय में जमा होकर उसकी उपयोगि�




