
कवर्धा/पंडरिया। मुंगेली जिले के ग्राम झाफल निवासी सेवानिवृत्त लेखा अधिकारी एवं समाजसेवी दामोदर सिंह राजपूत (68 वर्ष) की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आठ दिनों से लापता दामोदर सिंह का शव रविवार को कबीरधाम जिले के पंडरिया थाना क्षेत्र के देवसार गांव स्थित बांध के पास जमीन में दफन अवस्था में बरामद किया गया।
पुलिस ने एक संदेही की निशानदेही पर मौके पर खुदाई कर शव बाहर निकाला। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
गुमशुदगी से हत्या तक की कहानी
परिजनों के अनुसार, दामोदर सिंह 21 मार्च की सुबह मुंगेली के करही गांव से अपने पैतृक गांव झाफल जाने के लिए निकले थे। नवरात्रि के अवसर पर उन्हें घर पहुंचना था, लेकिन देर शाम तक न तो वे गांव पहुंचे और न ही अपने किराए के घर लौटे। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद लालपुर थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच के दौरान उनकी मोटरसाइकिल मुंगेली-लोरमी मार्ग पर मनोहरपुर के पास लावारिस हालत में मिली, जिससे मामला संदिग्ध हो गया। इसके बाद पुलिस ने अपहरण और हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए जांच तेज कर दी।
संदेही की निशानदेही पर मिला शव
जांच के दौरान ग्राम झाफल निवासी संजय यादव पर संदेह हुआ। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें मिले सुराग के आधार पर रविवार को पुलिस टीम उसे लेकर देवसार बांध पहुंची। उसकी निशानदेही पर जमीन खोदने पर दामोदर सिंह का शव बरामद हुआ।
शव को पोस्टमार्टम के लिए पंडरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मरच्यूरी में रखा गया है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक से अधिक आरोपी होने की आशंका
लालपुर थाना प्रभारी के अनुसार, मामले में एक संदेही को हिरासत में लिया गया है, लेकिन हत्या में एक से अधिक लोगों की संलिप्तता की संभावना जताई जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।
समाजसेवा में सक्रिय थे दामोदर सिंह
दामोदर सिंह राजपूत क्षेत्र में एक सक्रिय समाजसेवी के रूप में भी जाने जाते थे। वे अपने निजी खर्च पर गरीब बच्चों की शिक्षा का जिम्मा उठाते थे। साथ ही उन्होंने कई मंदिरों और सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग देकर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
उनकी हत्या की खबर से पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग स्तब्ध हैं।





