रोजगार दफ्तर से मेडिकल कॉलेज तक: कवर्धा में बदल रही पहचान, 50 सीटों से शुरू होगी MBBS की पढ़ाई

कवर्धा। जिले में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जिला न्यायालय रोड स्थित रोजगार कार्यालय और जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के भवन अब सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए उपयोग किए जाएंगे। जिन कमरों में अब तक रोजगार पंजीयन और उद्योग संबंधी कार्य होते थे, वहीं अब मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और प्रशासनिक गतिविधियां संचालित होंगी।
सरकारी मेडिकल कॉलेज की शुरुआत आगामी शिक्षा सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ की जाएगी। इसके लिए रोजगार कार्यालय और उद्योग केंद्र को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र को कॉलेज रोड स्थित जिला ग्रंथालय के पास नए भवन में शिफ्ट किया गया है, जबकि रोजगार कार्यालय अब ठाकुर पारा क्षेत्र से संचालित होगा।
अस्थायी भवन में शुरू होंगी कक्षाएं
फिलहाल मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई अस्थायी भवन में शुरू की जाएगी। आयुष पॉली क्लिनिक भवन को क्लासरूम के रूप में तैयार किया जा रहा है। वहीं पुराने रोजगार कार्यालय और उद्योग केंद्र भवन में प्रशासनिक कार्यालय, लाइब्रेरी और मेडिकल लैब विकसित किए जा रहे हैं।
306 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा स्थायी कैंपस
घोठिया रोड पर 42 एकड़ भूमि में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का स्थायी कैंपस तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 306 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य के तहत हॉस्टल, लैब, डीन रेसिडेंसी और अन्य भवनों का काम 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं एकेडमिक ब्लॉक 31 मई 2027 तक तैयार किया जाएगा। वर्तमान में सात भवनों का निर्माण जारी है तथा कैंपस तक बेहतर पहुंच के लिए सड़क निर्माण भी किया जा रहा है।
जिला अस्पताल बना टीचिंग हॉस्पिटल
मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए जिला अस्पताल का भी विस्तार किया गया है। अस्पताल में बेड क्षमता 100 से बढ़ाकर 220 कर दी गई है, ताकि इसे मेडिकल छात्रों के लिए टीचिंग हॉस्पिटल के रूप में विकसित किया जा सके। यहां मरीजों के इलाज के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा भी दी जाएगी।
60 पदों को मिली मंजूरी
राज्य शासन ने मेडिकल कॉलेज के लिए 60 शिक्षकीय और प्रशासनिक पद स्वीकृत किए हैं। इनमें डीन, प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, रेसिडेंट डॉक्टर, टेक्नीशियन, लाइब्रेरियन और अन्य कर्मचारियों के पद शामिल हैं। डीन और अस्पताल अधीक्षक ने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है।
कवर्धा में शुरू हो रहा यह मेडिकल कॉलेज जिले के स्वास्थ्य ढांचे और उच्च शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।





