
ब्रजेश गुप्ता
कवर्धा में हुई इस हत्या के पीछे एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी देवेन्द्र जायसवाल ने पूछताछ में बताया कि उसने पूरी साजिश टीवी के क्राइम शो देखकर तैयार की थी।
प्रेमिका से पीछा छुड़ाने के लिए उसने पहले उसे 10 लाख रुपये देने का लालच दिया, लेकिन जब वह नहीं मानी तो उसने हत्या का प्लान बना लिया। पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने कई बार सिम कार्ड बदले और फर्जी नाम से नया नंबर लेकर वारदात को अंजाम दिया।
घटना को अंजाम देने के लिए सुनसान रानीदहरा जलप्रपात को चुना गया। 16 मार्च की शाम आरोपी ने प्रेमिका को बस से बोड़ला बुलाया और वहां से जलप्रपात ले गया। उसके पिता और दोस्त पहले से वहां मौजूद थे। दोस्त मनोज पटेल ने वारदात के दौरान निगरानी (वॉचर) की भूमिका निभाई ताकि कोई आसपास न आए।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर डमी पुतले के जरिए सीन रीक्रिएशन कराया, जिसमें आरोपियों ने पूरी वारदात को दोहराया। साथ ही, बोड़ला क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिससे केस और मजबूत हुआ है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अपराधी किस तरह योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देने के लिए तकनीक और मीडिया का दुरुपयोग कर रहे हैं।





