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कवर्धा में 50 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर तेजी से तैयार 16.63 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण, 70% काम पूरा; अप्रैल 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य

कवर्धा में 50 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर तेजी से तैयार 16.63 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण, 70% काम पूरा; अप्रैल 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य

कवर्धा में 50 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर तेजी से तैयार
16.63 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण, 70% काम पूरा; अप्रैल 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य
सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कबीरधाम जिले में गंभीर मरीजों और सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल परिसर में 50 बेड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल आकार ले रहा है। करीब 16.63 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए जा रहे इस केंद्र में आईसीयू और ट्रॉमा यूनिट जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। भवन का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में सड़क हादसों में गंभीर घायलों की संख्या को देखते हुए इस केंद्र को स्वास्थ्य व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गंभीर दुर्घटना, सिर में गंभीर चोट, आग से झुलसे मरीजों सहित अन्य क्रिटिकल कंडीशन वाले मरीजों को इलाज के लिए दूसरे बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता है। ऐसे मामलों में अस्पताल तक पहुंचने में लगने वाला अतिरिक्त समय मरीज की स्थिति को और गंभीर बना सकता है।
जनवरी से जून तक 180 सड़क हादसे, 94 मौतें
ट्रैफिक विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जून 2026 तक कबीरधाम जिले में 180 सड़क हादसे दर्ज हुए। इनमें 94 लोगों की मौत और 161 लोग घायल हुए। यानी छह महीने में औसतन हर दो दिन में एक सड़क दुर्घटना दर्ज हुई। मौतों का मासिक औसत करीब 16 रहा।
हालांकि इन सभी हादसों में घायल मरीजों को आईसीयू की आवश्यकता रही हो, ऐसा नहीं है, लेकिन आंकड़े गंभीर दुर्घटनाओं के मामलों में जिले के भीतर क्रिटिकल केयर क्षमता मजबूत करने की जरूरत को जरूर रेखांकित करते हैं।
मुख्य गेट के पास बन रहा भवन
क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का निर्माण जिला अस्पताल परिसर में मुख्य गेट से प्रवेश करते ही बाईं ओर किया जा रहा है। निर्माण कार्य छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा कराया जा रहा है। काम जनवरी 2025 में शुरू हुआ था। वर्तमान में भवन का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा बताया जा रहा है।
सिर्फ सड़क हादसों तक सीमित नहीं होगी सुविधा
प्रस्तावित क्रिटिकल केयर सेंटर का उपयोग केवल सड़क दुर्घटना के मरीजों के लिए नहीं होगा। यहां गंभीर रूप से घायल मरीजों के अलावा सिर की गंभीर चोट, गंभीर रूप से झुलसे मरीज और अन्य जानलेवा या अत्यंत गंभीर स्थितियों वाले मरीजों को क्रिटिकल केयर उपलब्ध कराने की योजना है।
रेफरल के बीच कम हो सकता है समय
गंभीर मरीजों के मामले में शुरुआती उपचार का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। वर्तमान में किसी मरीज को उच्च स्तरीय उपचार के लिए दूसरे शहर रेफर किए जाने पर उसे वहां पहुंचने में अतिरिक्त समय लगता है। जिला अस्पताल में आईसीयू और ट्रॉमा सपोर्ट से युक्त 50 बेड की सुविधा शुरू होने के बाद ऐसे मरीजों को जिले में ही प्रारंभिक स्तर पर उन्नत उपचार उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ेगी

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Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com

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