प्रश्नपत्र के पैसे नहीं, उत्तर पुस्तिका भी बच्चे खरीदकर लाएं—त्रैमासिक परीक्षा व्यवस्था पर सवाल

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कबीरधाम जिले में त्रैमासिक परीक्षा शुरू होते ही परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कई विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका तक अपने पैसे से खरीदकर परीक्षा देने जाना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल है कि परीक्षा की आवश्यक सामग्री की व्यवस्था आखिर किसकी जिम्मेदारी है?
परीक्षा में शामिल होने वाले बच्चों को पढ़ाई के साथ अब उत्तर पुस्तिका की व्यवस्था भी खुद करनी पड़ रही है। इससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की स्थिति बन रही है।
डीईओ बोले—त्रैमासिक परीक्षा के लिए पहले कभी बजट नहीं आया
इस संबंध में डीईओ एफआर वर्मा ने कहा कि “हम मांग नहीं करते। इसके पूर्व कभी भी त्रैमासिक परीक्षा के लिए बजट नहीं आया है।” डीईओ के इस बयान के बाद परीक्षा व्यवस्था के लिए बजट उपलब्ध कराने को लेकर विभागीय स्तर पर सवाल और गंभीर हो गए हैं।
यदि त्रैमासिक परीक्षा के लिए पूर्व से बजट का प्रावधान नहीं रहा है, तो फिर परीक्षा संचालन के लिए आवश्यक प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिका और अन्य सामग्री की व्यवस्था कैसे की जाए—यह जिम्मेदारी स्पष्ट होना जरूरी है।
सवाल सिर्फ उत्तर पुस्तिका का नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था का है जिसमें परीक्षा देने वाला बच्चा ही परीक्षा सामग्री का खर्च उठाने लगे। शिक्षा विभाग को स्पष्ट करना होगा कि इस व्यवस्था के लिए स्कूलों को क्या निर्देश दिए गए हैं और विद्यार्थियों से परीक्षा सामग्री के लिए राशि लेना नियमों के अनुरूप है या नहीं।




