भोरमदेव में भक्तों की भीड़ के बीच ट्रैफिक प्लान तैयार, पार्किंग से पैदल मार्ग तक पुलिस की पूरी व्यवस्था
श्रावण में उमड़ेंगे श्रद्धालु-कांवड़िए, 5 जगह चारपहिया और अलग दोपहिया पार्किंग तय; नागमोरी गेट से मंदिर तक पैदल पहुंचेंगे भक्त

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
श्रावण मास में भोरमदेव मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों के पहुंचने को देखते हुए कबीरधाम पुलिस ने यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान तैयार किया है। भीड़ के दौरान जाम की स्थिति न बने और श्रद्धालुओं को मंदिर तक सुरक्षित पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल, यातायात मार्ग और पैदल रास्ते निर्धारित किए गए हैं।
चारपहिया के लिए 5 पार्किंग स्थल
पुलिस ने चारपहिया वाहनों के लिए मेला स्थल, छेरकी महल, छपरी स्कूल, शनि देव तिराहा और गौशाला में पार्किंग की व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सड़क किनारे या मंदिर के आसपास वाहन खड़ा करने के बजाय निर्धारित पार्किंग स्थल का ही उपयोग करें।
दोपहिया के लिए अलग पार्किंग
मोटरसाइकिल सहित अन्य दोपहिया वाहनों के लिए मड़वा महल जाने वाले मार्ग पर अलग पार्किंग स्थल बनाया गया है। पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों को मुख्य मार्ग पर वाहन खड़ा नहीं करने की हिदायत दी है।
वाहन छोड़कर पैदल जाएंगे मंदिर
पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा करने के बाद श्रद्धालु और कांवड़िए नागमोरी गेट से भोरमदेव मंदिर तक निर्धारित पैदल मार्ग से मंदिर पहुंचेंगे। मंदिर के नजदीक अनावश्यक रूप से वाहन ले जाने पर रोक रहेगी, ताकि पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी रहे।
इन स्थानों पर तैनात रहेगा पुलिस बल
सरौधा-कवर्धा मार्ग, छपरी तिराहा, शनि देव तिराहा, मड़वा महल तिराहा, धर्मशाला तिराहा और नागमोरी गेट समेत प्रमुख स्थानों पर पुलिस एवं यातायात बल तैनात रहेगा। धर्मशाला तिराहा के पास बैरिकेड और ड्रॉपगेट की व्यवस्था भी की गई है।
पुलिस की अपील—सहयोग करें, रास्ता न रोकें
कबीरधाम पुलिस ने श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से निर्धारित पार्किंग का उपयोग करने, मुख्य मार्ग व मंदिर परिसर के आसपास वाहन पार्क नहीं करने और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खाली रखने को कहा गया है।
पुलिस का कहना है कि भोरमदेव आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित आवागमन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं के सहयोग से ही भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था को सुचारू रखा जा सकेगा।





