मुरूम निकालने नहर तोड़ी, खेतों को बनाया खदान; मानसून में बड़े हादसे का खतरा

ब्रजेश गुप्ता | कवर्धा
कवर्धा जिले के खैरबना कला, तारो और भागूटोला क्षेत्र में अवैध मुरूम उत्खनन ने खेती और सिंचाई व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। क्षेत्र के लगभग सात एकड़ कृषि भूमि में 15 से 20 फीट गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, जिससे उपजाऊ खेत खदान में तब्दील हो गए हैं। मानसून के दौरान इन गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अवैध उत्खनन के लिए सरोदा बांध की मुख्य सिंचाई नहर के किनारे बने रास्तों का उपयोग किया जा रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही से नहर की कंक्रीट दीवारें क्षतिग्रस्त हो रही हैं तथा किनारों की मिट्टी धंसने लगी है। इससे आगामी सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
तकनीकी आकलन के अनुसार, क्षेत्र से बड़ी मात्रा में मुरूम निकाला जा चुका है। अनुमान है कि इसके परिवहन के लिए हजारों हाईवा ट्रिप लगाए गए। स्थानीय स्तर पर मुरूम की बिक्री से करोड़ों रुपए का कारोबार होने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि यह पूरा कार्य बिना अनुमति और बिना रॉयल्टी के संचालित किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध उत्खनन से लाभ कुछ लोगों को हुआ, जबकि गांव को गहरे गड्ढे, क्षतिग्रस्त नहर और बर्बाद होती खेती की समस्या मिली है। बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जिला खनिज अधिकारी चिरंजीव जांगड़े ने बताया कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में अवैध मुरूम उत्खनन के मामले में एक जेसीबी और एक हाईवा वाहन जब्त किया गया है तथा आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। :::




