कवर्धा मेडिकल कॉलेज: नीट काउंसिलिंग के पहले राउंड में स्टेट की सभी 42 सीटें फुल
कॉलेज भवन पूरा होने से पहले ही दिखा जबरदस्त रुझान, 15 सितंबर से कक्षाएं शुरू होने की तैयारी

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कवर्धा में मेडिकल कॉलेज की स्थायी बिल्डिंग अभी निर्माणाधीन है, लेकिन कॉलेज में एमबीबीएस प्रवेश को लेकर अभ्यर्थियों में जबरदस्त रुझान देखने को मिला है। नीट काउंसिलिंग के पहले ही राउंड में स्टेट कोटे की सभी 42 एमबीबीएस सीटें भर गईं। बुधवार को पहले राउंड की काउंसिलिंग का अंतिम दिन था और शाम तक राज्य कोटे में एक भी सीट खाली नहीं बची।
कवर्धा के नए शासकीय मेडिकल कॉलेज में इस सत्र से कुल 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश होगा। इनमें 42 सीटें स्टेट कोटे, 7 सीटें ऑल इंडिया कोटे और 1 सीट सेंट्रल गवर्नमेंट कोटे की है। जिले में पहली बार शासकीय मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने जा रही है।
डीन बोले- 15 सितंबर से शुरू हो सकती हैं कक्षाएं
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अजय कोसाम के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। कॉलेज प्रबंधन की तैयारी है कि 15 सितंबर से नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं शुरू कर दी जाएं।
पहले ही राउंड में 42 में 42 सीटें फुल
नए मेडिकल कॉलेज को लेकर छात्रों का रुझान कैसा रहेगा, इसे लेकर शुरुआत में सवाल था। पहले ही राउंड में सभी 42 स्टेट कोटे की सीटें भरने से इसका जवाब मिल गया। अब शेष 8 सीटों के लिए ऑल इंडिया और सेंट्रल कोटे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पहले बैच में प्रवेश लेने वाला पहला छात्र सहसपुर लोहारा निवासी हिमांशु देवांगन है। हिमांशु ने कक्षा 12वीं में 83 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं, जबकि नीट में उन्हें 512 अंक मिले हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी उनसे फोन पर बातचीत की।
घोठिया में 306 करोड़ का स्थायी कैंपस ले रहा आकार
अस्थायी व्यवस्था के साथ कवर्धा का स्थायी मेडिकल कॉलेज कैंपस भी आकार ले रहा है। रायपुर-राजनांदगांव बाईपास रोड पर घोठिया में बीज निगम के पास 39.24 एकड़ जमीन पर करीब 306 करोड़ रुपए की लागत से प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है।
प्रोजेक्ट में 7 मंजिला मेडिकल कॉलेज भवन, 100 बेड का अस्पताल, छात्रावास, डॉक्टरों के क्वार्टर और प्रशासनिक ब्लॉक शामिल हैं। इसे अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पुराना तहसील कार्यालय बनेगा हॉस्टल
बाहर से आने वाले मेडिकल छात्रों के रहने के लिए पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर के पास स्थित पुराने तहसील कार्यालय को हॉस्टल के रूप में विकसित किया जा रहा है। फिलहाल यहां फिनिशिंग का काम चल रहा है। कॉलेज प्रबंधन का लक्ष्य है कि कक्षाएं शुरू होने से पहले हॉस्टल तैयार हो जाए।
दो सरकारी भवनों से फिलहाल होगी पढ़ाई
स्थायी कैंपस तैयार होने तक मेडिकल कॉलेज का संचालन अस्थायी व्यवस्था से होगा। न्यायालय रोड स्थित आयुष पॉली क्लीनिक और जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र की इमारतों को कॉलेज संचालन के लिए तैयार किया गया है।
इन भवनों में कॉलेज के 10 विभाग, लेक्चर हॉल, प्रैक्टिकल लैब, लाइब्रेरी, फैकल्टी चेंबर सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं। यानी इस साल कवर्धा मेडिकल कॉलेज की शुरुआत नई सात मंजिला इमारत से नहीं, बल्कि शहर के सरकारी भवनों में तैयार किए गए अस्थायी सेटअप से होगी।





