तोहफे में बम भेजने वाले सरजू को अंतिम सांस तक उम्रकैद
चमारी होम थिएटर ब्लास्ट केस में दो हत्याओं और पांच लोगों की हत्या के प्रयास का दोषी, कोर्ट ने कहा- अपराध क्रूर और समाज को झकझोरने वाला

CGN News | कवर्धा
रेंगाखार जंगल थाना क्षेत्र के ग्राम चमारी के बहुचर्चित होम थिएटर ब्लास्ट मामले में अदालत ने आरोपी सरजू उर्फ संजू मरकाम (33), निवासी छपला, बालाघाट (मध्यप्रदेश) को दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 14 अगस्त को सुनाए गए फैसले के बाद आरोपी को पूरी जिंदगी जेल में रहना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि उम्रकैद की सजा में किसी प्रकार की छूट नहीं होगी।
दो लोगों की हुई थी मौत, पांच घायल
3 अप्रैल 2023 को ग्राम चमारी में शादी समारोह के दौरान होम थिएटर चालू करते ही जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाके में दूल्हा हेमेन्द्र और उसके भाई राजकुमार की मौत हो गई थी, जबकि पांच अन्य लोग घायल हुए थे। विस्फोट से शादी घर और वहां रखे सामान को भी नुकसान पहुंचा था।
अदालत ने माना कि आरोपी का उद्देश्य केवल दूल्हे हेमेन्द्र की हत्या करना नहीं था, बल्कि उसने ऐसी साजिश रची थी जिससे वहां मौजूद अन्य लोगों की भी जान जा सकती थी। इसी आधार पर पांच लोगों की हत्या के प्रयास का भी दोषी माना गया।
प्रेमिका की शादी से नाराज था आरोपी
मामले की जांच और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार सरजू, ललिता धुर्वे से प्रेम करता था। ललिता की शादी हेमेन्द्र से तय होने के बाद आरोपी नाराज था। 31 मार्च 2023 को आरोपी का हेमेन्द्र से फोन पर विवाद भी हुआ था। इसके बाद उसने हेमेन्द्र और उसके परिवार को खत्म करने की साजिश रची।
अदालत के मुताबिक आरोपी ने शादी के तोहफे के रूप में होम थिएटर भेजा था, जिसमें विस्फोटक छिपाकर लगाया गया था। 3 अप्रैल की सुबह करीब 9 बजे होम थिएटर का स्विच ऑन करते ही विस्फोट हो गया।
बारूद, अमोनियम नाइट्रेट और पेट्रोल से तैयार किया विस्फोटक
जांच में सामने आया कि आरोपी ने बारूद, अमोनियम नाइट्रेट और पेट्रोल का इस्तेमाल कर विस्फोटक तैयार किया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बारूद जैसा पदार्थ, सुतली बम की रस्सी, स्क्रू ड्राइवर सहित अन्य सामग्री बरामद की थी। एफएसएल जांच में घटनास्थल से लिए गए नमूनों में विस्फोटक पदार्थ के अंश मिले थे।
रसीद और सीसीटीवी फुटेज बने अहम सबूत
अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराने में कई साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना। इनमें होम थिएटर खरीदने की रसीद, भुगतान संबंधी दस्तावेज, गिफ्ट पैक कराने का सीसीटीवी फुटेज, मृतक हेमेन्द्र को किए गए फोन, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, एफएसएल रिपोर्ट और आरोपी की निशानदेही पर हुई बरामदगी शामिल हैं। मृतकों के कपड़ों और घटनास्थल की मिट्टी में मानव रक्त मिलने की बात भी फोरेंसिक जांच में सामने आई।
इन सभी साक्ष्यों को एक-दूसरे से जोड़ने के बाद अदालत ने माना कि वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी सरजू ही था।
5 अप्रैल 2023 से जेल में है आरोपी
घटना के दो दिन बाद 5 अप्रैल 2023 को पुलिस ने आरोपी सरजू को गिरफ्तार किया था। तब से वह न्यायिक अभिरक्षा में जेल में है। अदालत ने अब तक की न्यायिक अभिरक्षा की अवधि को उसकी सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने कहा- अपराध क्रूर और समाज को झकझोरने वाला
सजा सुनाते समय अदालत ने अपराध को अत्यंत गंभीर, क्रूर और बर्बर बताते हुए कहा कि इस घटना ने समाज को झकझोर दिया। आरोपी की ओर से पहली बार अपराध होने का हवाला देते हुए कम सजा देने की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।
अदालत ने धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 2-2 हजार रुपए जुर्माना, धारा 307 के तहत आजीवन कारावास और 500 रुपए जुर्माना, धारा 436 के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास और 1 हजार रुपए जुर्माना तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। सभी धाराओं में कुल 9,500 रुपए जुर्माना लगाया गया है।
बहुचर्चित मामले के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच की थी। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को जुटाकर मामले की कड़ियां जोड़ीं, जिसके आधार पर अदालत में अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत हुआ।





