सेवा संकल्प अभियान को लेकर कलेक्टर तुलिका प्रजापति से खास बातचीत
“हर पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचाना और सेवा कार्यों में जनता को जोड़ना हमारी प्राथमिकता”

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कवर्धा जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत सैचुरेशन, पात्र हितग्राहियों की पहचान और जनभागीदारी से सेवा कार्यों को गति देने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान को लेकर कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से जानकारी दी। प्रस्तुत है उनसे हुई खास बातचीत के प्रमुख अंश—
सवाल: सेवा संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
कलेक्टर: अभियान का मुख्य उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। हमारा प्रयास है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ योजनाओं का शत-प्रतिशत सैचुरेशन और सेवा कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ावा देना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सवाल: पात्र हितग्राहियों की पहचान किस तरह की जा रही है?
कलेक्टर: गांव-गांव और घर-घर सर्वे किया जा रहा है। राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड, जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र सहित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं में जो गैप है, उसे चिन्हित किया जा रहा है। इसके बाद पात्र लोगों से आवेदन लेकर आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने और उन्हें योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है।
सवाल: अभियान के दौरान आम लोगों को सबसे बड़ा लाभ क्या मिलेगा?
कलेक्टर: हमारा प्रयास है कि लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। 1 से 7 अक्टूबर तक क्लस्टर स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। लगभग 15 गांवों को मिलाकर क्लस्टर बनाए जाएंगे। यहां पात्र हितग्राहियों से आवेदन लेने के साथ दस्तावेज तैयार कराने और स्वीकृत लाभ का वितरण भी किया जाएगा।
सवाल: ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से क्या किया जा रहा है?
कलेक्टर: आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के वजन की जांच, कुपोषित एवं गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान, गर्भवती और धात्री माताओं के स्वास्थ्य की जानकारी तथा अभिभावकों को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।
इसके साथ ही खिलौना बैंक विकसित किए जा रहे हैं। शहरों में भी खिलौना बैंक बनाने की योजना है, जहां लोग उपयोगी खिलौने जमा कर सकेंगे। इन खिलौनों का उपयोग आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
सवाल: जनभागीदारी बढ़ाने के लिए किन गतिविधियों पर जोर है?
कलेक्टर: जल संरक्षण एवं संवर्धन, नदी-घाटों की सफाई, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर, योग एवं ध्यान सत्र, वृद्धाश्रम भ्रमण, प्लास्टिक मुक्ति अभियान, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कार्यक्रम, गौ-सेवा, वृक्षारोपण और सेवा यात्राएं भी आयोजित की जाएंगी।
सवाल: क्या रक्तदान को लेकर भी विशेष अभियान चलेगा?
कलेक्टर: हां। प्रत्येक विकासखंड में रक्तदान शिविर आयोजित करने की योजना है। हमारा उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना और सेवा कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
सवाल: युवाओं और विद्यार्थियों के लिए क्या पहल की जा रही है?
कलेक्टर: स्कूलों में नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जरूरतमंद विद्यार्थियों तक उपयोगी पुस्तकें पहुंचाने के लिए पुस्तक बैंक की पहल पर भी कार्य किया जाएगा। युवाओं की भागीदारी सेवा कार्यों में बढ़ाना अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सवाल: अभियान 17 अक्टूबर के बाद समाप्त हो जाएगा या आगे भी जारी रहेगा?
कलेक्टर: अभियान की निर्धारित अवधि 17 अक्टूबर तक है, लेकिन सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखा जाएगा। हमारा प्रयास रहेगा कि अभियान के माध्यम से शुरू हुई अच्छी गतिविधियों को आगे भी निरंतर जारी रखा जाए।
सवाल: क्षेत्र भ्रमण में किन समस्याओं का पता चल रहा है?
कलेक्टर: क्षेत्र भ्रमण के दौरान ऐसे पात्र परिवार सामने आते हैं, जो प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, पेंशन या आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाओं से अभी तक वंचित हैं। ऐसे मामलों की पात्रता के अनुसार पहचान कर उनका निराकरण करना जरूरी है। इसी दिशा में क्लस्टर स्तर के शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कलेक्टर का संदेश
“सेवा संकल्प अभियान केवल सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसमें समाज की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। प्रशासन के साथ आम नागरिक, युवा, स्वयंसेवी संगठन और जनप्रतिनिधि मिलकर काम करें तो सेवा कार्यों का प्रभाव और व्यापक हो सकता है।”





