दो बार सर्वे, सात साल इंतजार… अब रेलवे संघर्ष समिति करेगी जनआंदोलन, गांव-गांव पहुंचेगी रेल की मांग

कवर्धा। प्रस्तावित कटघोरा–कवर्धा–डोंगरगढ़ रेल परियोजना पर वर्षों से निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से कबीरधाम जिले में लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। वर्ष 2018 में भूमिपूजन के बाद भी परियोजना जमीनी स्तर पर आगे नहीं बढ़ सकी। न रेल ट्रैक बिछाया गया और न ही निर्माण कार्य शुरू हुआ। लगातार मिल रहे आश्वासनों से नाराज क्षेत्रवासियों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है।
रेल परियोजना को गति दिलाने के उद्देश्य से रेलवे संघर्ष समिति का पुनर्गठन किया गया है। समिति ने गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाकर व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने का ऐलान किया है। समिति के वरिष्ठ सदस्य मनीष तिवारी और निखिलेश शरण सोनी ने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। इसके लिए सांसद, विधायक, उपमुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री तथा रेल मंत्रालय से मुलाकात कर क्षेत्र की मांग को मजबूती से रखा जाएगा।
भूमिपूजन के सात साल बाद भी निर्माण शुरू नहीं
करीब सात वर्ष पहले बड़े समारोह के साथ परियोजना का भूमिपूजन किया गया था। उस समय लोगों को उम्मीद थी कि कवर्धा जल्द ही रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। लेकिन वर्षों बाद भी परियोजना कागजों तक ही सीमित है।
दो बार सर्वे, बदला पूरा प्लान
रेलवे ने इस परियोजना का दो बार सर्वे कराया। पहले सर्वे में डोंगरगढ़–उसलापुर रेल लाइन प्रस्तावित थी, जिसकी लंबाई 234 किलोमीटर, लागत 1909 करोड़ रुपए, 16 स्टेशन तथा 1119 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव था।
बाद में नए सर्वे में परियोजना का स्वरूप बदलकर कटघोरा–मुंगेली–कवर्धा–डोंगरगढ़ रेल लाइन कर दिया गया। इसके साथ ही परियोजना की लंबाई बढ़कर 277 किलोमीटर, अनुमानित लागत 4821 करोड़ रुपए, प्रस्तावित स्टेशन 25 और भूमि अधिग्रहण 1794 हेक्टेयर हो गया। हालांकि दायरा बढ़ने के बावजूद निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया।
कबीरधाम जिले में 61 किमी रेल लाइन और 6 स्टेशन प्रस्तावित
नई योजना के अनुसार कबीरधाम जिले में 61 किलोमीटर रेल लाइन प्रस्तावित है। जिले में कंवलपुर, सोमनापुर, बरदुली, धनेली (छांटा झा), तिवारी नवागांव (मुख्य स्टेशन) और धनगांव सहित छह रेलवे स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। रेल लाइन जिले के 50 गांवों से होकर गुजरेगी।
1914 किसानों की जमीन अधिग्रहण की जद में
परियोजना के लिए जिले के 50 गांवों की लगभग 878 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है, जिससे 1914 किसान प्रभावित होंगे। लंबे समय से सर्वे के बाद किसान असमंजस की स्थिति में हैं। उन्हें अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया कब पूरी होगी।
रेलवे संघर्ष समिति का दावा—रेल आएगी तो विकास को मिलेगी रफ्तार
संघर्ष समिति का कहना है कि यह परियोजना केवल रेल लाइन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में उद्योग, पर्यटन, कृषि व्यापार और रोजगार को नई गति मिलेगी। समिति का मानना है कि रेल सुविधा के अभाव में क्षेत्र का समग्र विकास प्रभावित हो रहा है।
सांसद बोले—रेल मंत्री से फिर करेंगे चर्चा
राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि नई रेल लाइन के निर्माण को शीघ्र शुरू कराने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि लोकसभा में भी यह मुद्दा उठाया जा चुका है तथा केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात कर निर्माण जल्द शुरू कराने का आग्रह किया गया है। वर्तमान मानसून सत्र के दौरान भी वे रेल मंत्री से पुनः मुलाकात कर परियोजना को गति देने का अनुरोध करेंगे। सांसद ने उम्मीद जताई कि विभागीय प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं और जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।




