6 करोड़ की मिट्टी की नहर, इधर जमीन के लिए बांटने पड़ रहे हैं ₹36.43 करोड़

ब्रजेश गुप्ता| कवर्धा
सरकारी योजनाओं में देरी का खामियाजा आखिर कितना महंगा पड़ । सकता है, इसका नमूना कबीरधाम जिले की सुतियापाट लेफ्ट केनाल परियोजना बन गई है। जिस 16.21 किलोमीटर लंबी मिट्टी की नहर के निर्माण पर केवल 6 करोड़ रुपए खर्च होने हैं, उसी नहर के लिए जमीन – अधिग्रहण में सरकार को 36.43 करोड़ रुपए मुआवजे के रूप में देने पड़ रहे हैं। यानी नहर से 6 गुना ज्यादा खर्च सिर्फ जमीन खरीदने में हो रहा है।
करीब 10 साल तक फाइलों और बदलती गाइडलाइन में परियोजना फंसी रही। अब 2026 में नए भू-अर्जन नियमों के कारण भारी वित्तीय बोझ के साथ आगे बढ़ रही है। परियोजना को वर्ष 2016 में मंजूरी मिली थी और तब इसका कुल बजट लगभग 16.50 करोड़ रुपए था। लेकिन समय पर भूमि अधिग्रहण नहीं होने, नियमों में बदलाव और गाइडलाइन दरें बढ़ने से लागत लगातार बढ़ती गई। स्थिति यह बन गई कि अब केवल भूमि मुआवजे पर ही 36.43 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। जबकि नहर निर्माण की लागत सिर्फ 6 करोड़ रुपए है। यदि इस साल भी प्रक्रिया टलती, तो मुआवजा राशि 40 करोड़ रुपए से भी ऊपर पहुंच सकती थी।
परियोजना के लिए 14 गांवों के 266 किसानों की 32.24 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। प्रशासन ने फरवरी से जून 2026 के बीच अधिकांश किसानों की सहमति ले ली है। कई गांवों में मुआवजा वितरण शुरू हो चुका है। ग्राम बाम्हन टोला में 55.62 लाख रुपए और विचारपुर में 1.95 करोड़ रुपए मुआवजा राशि बांटी जा चुकी है।
70% काम पूरा, बरसात में होगी दिक्कत
गाइडलाइन में लगातार बदलाव के कारण सुतियापाट लेफ्ट केनाल के काम में देरी हुई। भू-अधिग्रहण प्रक्रिया के साथ नहर निर्माण का काम चल रहा है। नहर के साथ सर्विस रोड भी बनाई जा रही है। इससे किसानों को खेतों तक आने-जाने और फसल परिवहन में बड़ी सुविधा मिलेगी। नहर का काम 70 फीसदी तक पूरा हो चुका है। मानसून आने को
नहर के साथ सर्विस रोड बनाने का काम भी चल रहा।
है। ऐसे में काम अटक सकता है। हालांकि, जून 2027 तक निर्माणाधीन नहर से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलना शुरू हो जाएगा।
दो अन्य गांवों में अवार्ड पारित
ग्राम सिल्हाटी और बाजगुड़ा में भूमि अधिग्रहण के लिए अवार्ड पारित हो चुकी है। ग्राम लखनपुर, खजरी कला, डोंगरिया और रणवीरपुर में भी सहमति ले ली गई है। यदि निर्धारित अवधि में दावा-आपत्ति नहीं आती, तो यहां भी अवार्ड जारी कर मुआवजा वितरण शुरू होगा। वहीं ग्राम दैहानडीह में रिकॉर्ड दुरुस्तीरकण के तहत बंदोबस्त और खसरा रिकॉर्ड सुधार का कार्य चल रहा है, जिसके बाद अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इधर ग्रामवासियों का कहना है कि नियम व प्रक्रिया के फेर में उलझनें बढ़ गई है।
भू-अर्जन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है
डिप्टी कलेक्टर आरबी देवांगन का कहना है कि भू-अर्जन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। 4-5 गांवों का अवार्ड पारित कर दिए हैं। मुआवजा मिलना शुरू हो चुका है। कुछेक गांवों का मुआवजा





