लगातार बारिश से जिले के पांचों जलाशय 80.19% भरे, कर्रा नाला बैराज के गेट खुले, सुतियापाट के उलट से बह रहा पानी

कवर्धा। कबीरधाम जिले में लगातार हो रही बारिश का असर अब मध्यम जलाशयों पर साफ दिखाई देने लगा है। जिले के पांचों जलाशयों में औसतन 80.19 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कर्रा नाला बैराज में सुरक्षा के मद्देनजर स्पिल गेट खोलकर नियंत्रित मात्रा में पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। वहीं सुतियापाट जलाशय के वेस्ट वियर (उलट) से भी पानी स्वतः बहने लगा है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, जिले के पांचों जलाशयों में वर्तमान में 117.318 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी संग्रहित है। बारिश से खरीफ फसलों के लिए सिंचाई की स्थिति फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित मानी जा रही है। हालांकि विभाग ने कर्रा नाला बैराज के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र और नदी किनारे बसे गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
सुतियापाट सबसे अधिक भरा
सुतियापाट जलाशय अपनी कुल 34.10 एमसीएम क्षमता के मुकाबले 30.450 एमसीएम (89.30%) पानी से भर चुका है। जलस्तर बढ़ने के कारण यहां वेस्ट वियर से 1.96 क्यूमेक्स पानी स्वतः बह रहा है।
कर्रा नाला बैराज में नियंत्रित जल निकासी
कर्रा नाला बैराज 89.03 प्रतिशत क्षमता तक भर चुका है। लगातार बढ़ रही जल आवक के चलते सुरक्षा की दृष्टि से स्पिल गेट खोलकर नियंत्रित मात्रा में पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
छिरपानी और सरोदा से सिंचाई के लिए पानी जारी
छिरपानी जलाशय में 82.17 प्रतिशत जलभराव है और यहां से खरीफ सिंचाई के लिए 0.710 क्यूमेक्स पानी नहरों में छोड़ा जा रहा है। वहीं सरोदा जलाशय में 69.45 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। यहां से भी 0.715 क्यूमेक्स पानी सिंचाई के लिए छोड़ा जा रहा है।
बहेराखार में सर्वाधिक बारिश, फिर भी भराव कम
बहेराखार कैचमेंट क्षेत्र में सबसे अधिक 637 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में यहां 29 मिमी बारिश हुई, लेकिन इसके बावजूद जलाशय अपनी क्षमता का 62.22 प्रतिशत ही भर पाया है। यहां से 0.100 क्यूमेक्स पानी नहर के माध्यम से छोड़ा जा रहा है।
पिछले वर्ष की तुलना में कम जल भंडारण
पिछले वर्ष 31 जुलाई तक जिले के पांचों जलाशयों में 125.093 एमसीएम पानी संग्रहित था, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा 117.318 एमसीएम है। यानी लगभग 7.77 एमसीएम कम जल भंडारण होने के बावजूद जलाशयों में 80 प्रतिशत से अधिक भराव होने से सिंचाई व्यवस्था को लेकर फिलहाल राहत की स्थिति बनी हुई है।
जलाशयों की वर्तमान जलभराव स्थिति
सुतियापाट – 89.30%
कर्रा नाला – 89.03%
छिरपानी – 82.17%
सरोदा – 69.45%
बहेराखार – 62.22%
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता मनोज पराते ने बताया कि कर्रा नाला बैराज में लगातार जल आवक बनी हुई है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है तथा नदी किनारे के क्षेत्रों पर विभाग लगातार निगरानी रखे हुए है। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी जल निकासी की जाएगी।





