भोरमदेव का सफर होगा आसान: बोड़ला से मंदिर तक 10 किमी टू-लेन सड़क का सर्वे शुरू

बोड़ला (कबीरधाम)। छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में शामिल भोरमदेव मंदिर तक पहुंच अब और सुगम होने जा रही है। बोड़ला से भोरमदेव तक प्रस्तावित करीब 10 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क निर्माण के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। इस पहल से लंबे समय से लंबित सड़क चौड़ीकरण परियोजना को गति मिली है।
पीडब्ल्यूडी को मिली जिम्मेदारी, तकनीकी सर्वे जारी
सड़क के चौड़ीकरण और उन्नयन का कार्य लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंपा गया है। सर्वे के दौरान सड़क की वर्तमान स्थिति, संभावित बाधाएं और निर्माण लागत का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। टीम आधुनिक जीपीएस और तकनीकी उपकरणों की मदद से सटीक डेटा जुटा रही है।
हर बाधा का सूक्ष्म निरीक्षण
डीपीआर सर्वे के तहत मार्ग में आने वाली सभी संरचनाओं और संसाधनों का चिन्हांकन किया जा रहा है। इसमें पुल-पुलिया, शासकीय व निजी भूमि, स्कूल भवन, आवासीय मकान, पेड़ और बिजली के खंभे शामिल हैं। सर्वे टीम इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है, जो आगे निर्माण कार्य की रूपरेखा तय करेगी।
दो योजनाओं में बंटा है पूरा मार्ग
यह परियोजना दो अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत आने वाले मार्ग को एकीकृत करेगी। कुल 10 किमी में से 4.50 किमी हिस्सा पीडब्ल्यूडी के अधीन है, जबकि शेष 5.50 किमी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत आता है। दोनों हिस्सों को मिलाकर एक समान टू-लेन सड़क विकसित की जाएगी।
ग्रामीणों में उत्साह, मुआवजे की चिंता भी
सड़क चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। उनका मानना है कि इससे क्षेत्रीय विकास के साथ व्यापार-व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, जिनकी जमीन या मकान परियोजना की जद में आएंगे, वे उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रशासन के लिए विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण होगा।
सर्वे के आधार पर तय होगी आगे की योजना
पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर अविनाश चंद्रवंशी के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही परियोजना की कुल लागत, संभावित विस्थापन और संरचनाओं की शिफ्टिंग की योजना तैयार की जाएगी। विशेष रूप से उन स्थानों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां तकनीकी या सामाजिक बाधाएं सामने आ सकती हैं।



