जैविक पोषण वाटिका से एनीमिया मुक्त कबीरधाम का संकल्प, स्वयंसेवी संगठन आए एक मंच पर

कवर्धा। कबीरधाम जिले को एनीमिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों ने सामूहिक पहल करते हुए ‘जैविक पोषण वाटिका’ अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने का संकल्प लिया है। इस संबंध में 10 जून 2026 को ग्रामोदय ग्राम विकास समिति, कवर्धा के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के आंकड़ों पर चर्चा करते हुए बताया गया कि छत्तीसगढ़ में 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 61 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं। प्रतिभागियों ने माना कि कुपोषण और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी जिले के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती है, जिसे सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से दूर किया जा सकता है।
मुख्य वक्ता के रूप में ‘द सहायक ट्रस्ट’, मुंबई के पीयूष सोनी ने ‘जैविक पोषण वाटिका’ की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए बताया कि घरों के आंगन एवं खाली भूमि पर पोषक तत्वों से भरपूर जैविक सब्जियों का उत्पादन कर परिवारों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने इसे एनीमिया की रोकथाम का सरल, किफायती एवं टिकाऊ उपाय बताया।
बैठक में आस्था कला मंच के गुरुदास मानिकपुरी, नई चमक रक्तदान एवं जनकल्याण समिति के हरीश साहू, शिवमंगल महिला समिति के अरविन्द कुमार, समर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट के दीपक विश्वास, एग्रिकोन समिति के दीपक कुमार बागरी तथा ग्रामोदय ग्राम विकास समिति के कार्यकारी निदेशक चंद्रकांत यादव सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सभी संगठनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने तथा प्रत्येक घर तक जैविक पोषण वाटिका की अवधारणा पहुंचाने का संकल्प लिया।



