चिल्फी पीएचसी में डॉक्टरों की कमी: हादसों के बीच मरीजों की बढ़ती परेशानी, प्रशासन पर उठे सवाल
चिल्फी/कवर्धा।
कवर्धा जिले के चिल्फी ग्राम पंचायत में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) इन दिनों गंभीर लापरवाही और संसाधनों की कमी का शिकार बना हुआ है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस स्वास्थ्य केंद्र में एक भी एमबीबीएस डॉक्टर पदस्थ नहीं है, जिससे स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
चिल्फी क्षेत्र नेशनल हाईवे पर स्थित होने के कारण यहां अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ऐसी आपात स्थितियों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण घायलों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। कई मामलों में प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को तत्काल जिला अस्पताल या अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों में रेफर करना पड़ता है, जिससे उनकी जान पर भी खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्वास्थ्य केंद्र में न केवल डॉक्टरों की कमी है, बल्कि अन्य आवश्यक सुविधाओं और स्टाफ की भी कमी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति का सामना कर सकता है। बढ़ते सड़क हादसे और सीमित चिकित्सा सुविधाएं मिलकर एक गंभीर संकट का रूप ले सकती हैं।
जनता और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल योग्य डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए और स्वास्थ्य केंद्र को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जाए।
निष्कर्ष:
चिल्फी पीएचसी की वर्तमान स्थिति न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि यह ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करती है। समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।




