कभी नक्सल प्रभाव की छाया में रहा माराडबरा, अब बना शांति और विकास का प्रतीक
एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने वनांचल में लगाई जनचौपाल, ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और बच्चों को वितरित की शैक्षणिक सामग्री

कवर्धा, 02 जून। कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में पुलिस और जनता के बीच विश्वास, संवाद एवं सहभागिता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह लगातार ग्रामीण अंचलों का दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने जिले के दूरस्थ एवं संवेदनशील ग्राम माराडबरा पहुंचकर जनचौपाल आयोजित की तथा ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, मांगों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना।
गौरतलब है कि ग्राम माराडबरा कभी नक्सल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता था। एक समय यहां विकास कार्यों की पहुंच, शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन और प्रशासनिक संपर्क विभिन्न चुनौतियों से प्रभावित था। हालांकि पुलिस एवं प्रशासन के निरंतर प्रयासों, प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था तथा ग्रामीणों के सहयोग से आज यह गांव शांति, विकास और जनविश्वास की नई पहचान बनकर उभरा है। वर्तमान में ग्रामीण निर्भीक होकर अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रख रहे हैं और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हैं।
जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं और मांगें पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखीं। श्री सिंह ने सभी विषयों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए मौके पर निराकरण योग्य समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि अन्य महत्वपूर्ण मांगों एवं समस्याओं से जिला प्रशासन को अवगत कराकर उनके शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ विश्वास और सहयोग का मजबूत संबंध स्थापित करना भी उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए पुलिस प्रशासन निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि माराडबरा जैसे गांवों का बदलता स्वरूप इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब प्रशासन और जनता एकजुट होकर कार्य करते हैं तो विकास के नए आयाम स्थापित होते हैं। कभी नक्सल प्रभाव की पहचान रखने वाला यह क्षेत्र आज शांति, शिक्षा, सामाजिक समरसता और विकास की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है, जो ग्रामीणों के विश्वास, सहयोग और सकारात्मक सहभागिता का परिणाम है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने गांव के बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय जाने, शिक्षा के महत्व को समझने तथा जीवन में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह सबसे प्रभावी माध्यम है, जो बच्चों को सशक्त बनाकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने योग्य बनाती है।





