नारी शक्ति वंदन अधिनियम देशहित में ऐतिहासिक निर्णय : राजेंद्र चंद्रवंशी

कवर्धा, 16 अप्रैल। संसद में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेंद्र चंद्रवंशी ने राष्ट्रहित में एक ऐतिहासिक पहल बताया है। उन्होंने कहा कि यह कानून देश की मातृशक्ति के सशक्तिकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।
श्री चंद्रवंशी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह अधिनियम भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक समावेशी, मजबूत और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर बताया।
उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का सम्मान और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आज प्रदेश की पहचान बन चुकी है। राज्य में महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
भारतीय संस्कृति में नारी के उच्च स्थान का उल्लेख करते हुए श्री चंद्रवंशी ने कहा कि वैदिक काल से लेकर आज तक महिलाओं ने समाज निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं इस परंपरा को आधुनिक रूप में आगे बढ़ा रही हैं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला है, जिसका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। साथ ही ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी योजनाएं महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बना रही हैं।
अंत में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ भविष्य में देश की राजनीति और नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक



