कबीरधाम की आबादी 10 लाख के पार पहुंचने की तैयारी, मकानों की संख्या 3 लाख से अधिक
डिजिटल जनगणना के अंतिम चरण में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े, 15 साल का रिकॉर्ड टूटा

कवर्धा। कबीरधाम जिले में बढ़ती आबादी और तेज विकास की तस्वीर अब जनगणना के प्रारंभिक आंकड़ों में साफ दिखाई देने लगी है। जिले में 1 मई से शुरू हुआ मकान गणना एवं हाउस लिस्टिंग अभियान अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 26 मई तक लगभग 99 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष कार्य 31 मई तक पूर्ण होने की संभावना है।
इस बार जनगणना प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है, जो जिले के इतिहास में पहली बार हो रहा है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार जिले में मकानों की संख्या 3 लाख के पार पहुंचने की संभावना है। वर्ष 2011 की जनगणना में जिले में केवल 1.78 लाख मकान दर्ज किए गए थे। यानी पिछले 15 वर्षों में मकानों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।
जनगणना अधिकारी नरेंद्र पैकरा ने बताया कि अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और अब आंकड़ों की मॉनिटरिंग एवं अंतिम सत्यापन किया जा रहा है।
15 प्रशासनिक जोन और 1778 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए
विशाल जनगणना अभियान को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए प्रशासन ने जिले को 15 प्रशासनिक चार्ज में विभाजित किया। इसके अंतर्गत 1778 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) तैयार किए गए। पहले चरण में मकानों की नंबरिंग, उनकी स्थिति और उपयोग संबंधी जानकारी एकत्र की गई।
28 से 30 मई तक बंद मकानों का दोबारा सर्वे
जनगणना दल अब उन मकानों तक दोबारा पहुंचेगा जहां पहले सर्वे के दौरान लोग अनुपस्थित थे या मकान बंद मिले थे। इसके लिए 28 से 30 मई तक पुनः सर्वे अभियान चलाया जाएगा।
जून में होगा फील्ड वैरिफिकेशन
प्रशासन के अनुसार जून माह में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तैयार नक्शों का फील्ड वैरिफिकेशन किया जाएगा। 1 जुलाई से 30 जुलाई के बीच अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पोस्ट ऑफिस और कलेक्ट्रेट जैसे प्रमुख संस्थानों की दूरी एवं लोकेशन मैपिंग का कार्य भी पूरा किया जाएगा।
राशनकार्ड डेटा से बढ़ती आबादी का संकेत
जिले की संभावित आबादी को लेकर भी बड़े संकेत मिले हैं। वर्ष 2011 की जनगणना में कबीरधाम की कुल आबादी 8 लाख 22 हजार 526 दर्ज की गई थी। वर्तमान में जिले में लगभग 2.98 लाख राशनकार्ड हैं, जिनमें पंजीकृत सदस्यों की संख्या करीब 9 लाख 40 हजार 775 तक पहुंच चुकी है।
प्रशासनिक अधिकारियों का अनुमान है कि वर्ष 2027 में होने वाली वास्तविक जनगणना में जिले की आबादी 10 लाख के आंकड़े को पार कर सकती है। जनसंख्या वृद्धि और मकानों की बढ़ती संख्या जिले के तेजी से हो रहे शहरी एवं ग्रामीण विस्तार को दर्शा




