
कबीरधाम | 19 जनवरी 2026
जिला कबीरधाम के कुकदूर स्थित धान उपार्जन केंद्र में हुए बड़े गबन मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए केंद्र के प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर लगभग 15 लाख रुपये मूल्य के धान के गबन का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 119 बोरा धान भी जब्त किया है।
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल और अमित पटेल के मार्गदर्शन में जिले में आर्थिक अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एसडीओपी पंडरिया भूपत सिंह धनेश्री के पर्यवेक्षण एवं थाना कुकदूर प्रभारी निरीक्षक संग्राम सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 जनवरी 2026 को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव शाखा कुकदूर के प्रबंधक आलोक मिश्रा द्वारा थाना कुकदूर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि संयुक्त जांच दल द्वारा धान उपार्जन केंद्र कुकदूर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान दिनांक 20 नवंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक कुल 43,598 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। इसमें से 1,500 क्विंटल धान का उठाव हो चुका था, जबकि शेष 42,098 क्विंटल धान केंद्र में मौजूद होना चाहिए था। लेकिन भौतिक सत्यापन में केवल 41,470 क्विंटल धान ही पाया गया। इस प्रकार 628 क्विंटल पतला धान कम मिला, जिसकी अनुमानित कीमत 15,00,292 रुपये है।
जांच में सामने आया कि उक्त अवधि में अमित बाजपेयी, पिता स्व. सुरेश बाजपेयी, उम्र 43 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 10 बैरागपारा पंडरिया, जिला कबीरधाम, धान उपार्जन केंद्र कुकदूर का प्रभारी था। आरोपी द्वारा शासन की अमानत में खयानत कर आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।
मामले में थाना कुकदूर में अपराध क्रमांक 04/2026, धारा 318(4), 316(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान आवश्यक दस्तावेज जब्त किए गए, गवाहों के बयान लिए गए तथा आरोपी से पूछताछ की गई।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 19 जनवरी 2026 को आरोपी अमित बाजपेयी को विधिवत गिरफ्तार किया गया। साथ ही आरोपी द्वारा अलग स्थान पर छुपाकर रखे गए 119 बोरा धान को भी पुलिस ने जब्त किया है। आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में प्रधान आरक्षक 245 वीरेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक 262 मनोज तिवारी एवं आरक्षक 503 संदीप पाण्डेय का विशेष योगदान रहा।





