
*कवर्धा-बेमेतरा, 15 अप्रैल 2026*
कबीरधाम जिले के ग्रामीण अंचलों में जमीन के नीचे छिपे प्राकृतिक संसाधनों की पहचान के लिए बड़े स्तर पर भूभौतिक सर्वेक्षण शुरू किया गया है। 2डी भूभौतिक डेटा सर्वेक्षण तकनीक के जरिए तेल, गैस और खनिज भंडारों की प्रारंभिक पहचान की जा रही है।
सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञ टीम दामापुर क्षेत्र में पहुंच चुकी है। टीम ने सेमसकोना, निगहरा, अतरिया और टाटा कांसा गांव में लगभग 60 फीट तक खुदाई कर जमीन के भीतर से सैंपल एकत्र किए हैं। इन सभी सैंपल को विस्तृत जांच और विश्लेषण के लिए देहरादून स्थित प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
*सर्वे का उद्देश्य*
इस सर्वेक्षण का मुख्य लक्ष्य जमीन के नीचे की भूगर्भीय संरचनाओं का मानचित्रण करना है। इससे भूमिगत परतों, फॉल्ट सिस्टम और बड़ी तलछटी घाटियों जैसी प्रमुख संरचनाओं की सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे तेल, गैस या खनिजों की मौजूदगी का पता लगाया जा सकेगा। सर्वे टीम के अनुसार डेटा संग्रह, प्रसंस्करण और प्रारंभिक परामर्श की प्रक्रिया तेज है और पर्यावरण मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
*प्रशासनिक अनुमति और विस्तार*
संबंधित कंपनी ने वर्ष 2025 में ही जिला प्रशासन से सर्वे की अनुमति प्राप्त कर ली थी। सर्वे से पहले कंपनी ने पूरे प्रदेश में एक लाख सेक्टर चिन्हित किए थे। वर्तमान में यह सर्वे कबीरधाम के अलावा मुंगेली, बिलासपुर, बेमेतरा और जांजगीर-चांपा सहित प्रदेश के कई जिलों में संचालित किया जा रहा है। सभी कार्य प्रशासन की अनुमति के बाद ही किए जा रहे हैं।
यदि जांच में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं तो कबीरधाम-बेमेतरा क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।





