चिल्फी में जर्जर पुल पर मलबा डालकर की मरम्मत, कटाव बढ़ने से हादसे का खतरा; ग्रामीणों ने नए पुल की उठाई मांग

कवर्धा
चिल्फी घाटी। चिल्फी ग्राम पंचायत के वार्ड क्रमांक 17 और 18 को जोड़ने वाला एकमात्र पुल लगातार बारिश के कारण जर्जर हो गया है। पुल के दोनों ओर तेज कटाव से मिट्टी बह गई है और नींव कमजोर पड़ने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि तकनीकी मरम्मत कराने के बजाय पंचायत ने पुराने भवन के टूटे ईंट-पत्थर और मलबा डालकर केवल खानापूर्ति की, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार यह पुल चिल्फी, लोहारा टोला सहित आसपास के गांवों के लोगों के आवागमन का मुख्य मार्ग है। प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर और अन्य ग्रामीण इसी रास्ते से गुजरते हैं। पुल के किनारों की मिट्टी बह जाने से सड़क के नीचे खाली स्थान बन गया है, जिससे भारी वाहनों के साथ-साथ दोपहिया चालकों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल की मरम्मत को लेकर पंचायत को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के पानी के बहाव से डाला गया मलबा भी बिखरने लगा है और कटाव लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश जारी रही तो पुल का हिस्सा धंस सकता है, जिससे दोनों वार्डों का संपर्क टूटने की आशंका है।
स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और बाजार जाने का यही एक रास्ता
ग्रामीणों ने बताया कि इसी मार्ग से बच्चे स्कूल, मरीज स्वास्थ्य केंद्र और किसान बाजार तक पहुंचते हैं। पुल के और क्षतिग्रस्त होने पर लोगों को कई किलोमीटर लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ेगा, जिससे सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों, मरीजों और किसानों को होगी।
तकनीकी निरीक्षण और नए पुल निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत से पुल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कर स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
इस संबंध में चिल्फी सरपंच जागेश दास मानिकपुरी ने बताया कि नए पुल निर्माण के लिए जिला पंचायत स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मौसम साफ होने के बाद पुल की आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी।





