23 जून तक कम बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, 1.65 लाख हेक्टेयर फसल पर असर की आशंका

कबीरधाम जिले में इस वर्ष मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 23 जून तक जिले में मात्र 25.2 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो पिछले पांच वर्षों में दूसरी सबसे कम वर्षा है। मैदानी क्षेत्रों में अब भी पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेत सूखे पड़े हैं, जबकि केवल पहाड़ी इलाकों में छिटपुट वर्षा हो रही है।
जिले में लगभग 1.30 लाख हेक्टेयर धान और 35 हजार हेक्टेयर गन्ने की खेती मानसूनी बारिश पर निर्भर है। पर्याप्त वर्षा नहीं होने से बोनी और रोपाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेतों में नमी की कमी के कारण कृषि कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बी.पी. त्रिपाठी ने किसानों को कम अवधि (110-120 दिन) में पकने वाली धान की किस्मों को प्राथमिकता देने तथा बारिश में और देरी होने पर दलहन एवं तिलहन फसलों की ओर रुख करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं होने पर धान के रकबे और उत्पादन पर असर पड़ सकता है।





