कवर्धा। जिले में इन दिनों धार्मिक आस्था से जुड़ी घटनाओं ने माहौल को चिंताजनक बना दिया है। अलग-अलग स्थानों पर देवी-देवताओं की मूर्तियों को खंडित किए जाने की लगातार घटनाओं से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इन घटनाओं ने न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है, बल्कि क्षेत्र में तनाव का वातावरण भी निर्मित कर दिया है।
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित मूर्तियों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने पर जब लोग मूर्तियों को खंडित अवस्था में देखते हैं, तो उनमें रोष फैल जाता है। लोगों ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अशोक सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए घटनाओं की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि कामठी में हनुमान जी की मूर्ति, बोड़ला में काली मंदिर, कवर्धा के रेवाबंध तालाब क्षेत्र में नदी और महादेव, सारंगपुर में शिवलिंग और नंदी, कबीर चौरा, बैजलपुर में नंदी महाराज, रेवाबंध तालाब स्थित शनि मंदिर और बजरंगबली मंदिर सहित नवागांव में कबीर साहेब का पोस्टर फाड़े जाने जैसी कई घटनाएं सामने आई हैं। उनके अनुसार, बीते ढाई वर्षों में जिले के 15 से अधिक मंदिरों में चोरी और तोड़फोड़ की घटनाएं हो चुकी हैं।
अशोक सिंह ने राज्य सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि जब से भाजपा की सरकार बनी है और जिले के विधायक विजय शर्मा प्रदेश के गृहमंत्री बने हैं, तब से प्रशासन पर नियंत्रण कमजोर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर घटना में जिम्मेदारी लेने के बजाय प्रशासन छोटे बच्चों या मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को आरोपी बताकर मामले को दबाने की कोशिश करता है।
उन्होंने पूर्व के झंडा कांड का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय वर्तमान गृहमंत्री विजय शर्मा ने खुलकर बयानबाजी की थी, लेकिन अब जब वे जिम्मेदारी के पद पर हैं, तो घटनाओं पर चुप्पी साधे हुए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिरों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।





