मित्रता निभाना हमें भगवान श्रीकृष्ण से सीखना चाहिए : आचार्य लोकेश्वर प्रसाद मिश्र

कवर्धा। नगर के गोकुलधाम कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ एवं महापुराण कथा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। इस पावन यज्ञ के यजमान श्री प्रेमनारायण शर्मा हैं, जो छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन कबीरधाम के जिलाध्यक्ष भी हैं।
पूज्य आचार्य लोकेश्वर प्रसाद मिश्र जी के श्रीमुख से श्रद्धालु श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का रसपान कर रहे हैं। कथा के आठवें दिन आचार्य श्री ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का भावपूर्ण प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सच्ची मित्रता प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक होती है।
उन्होंने बताया कि निर्धनता में जीवन यापन कर रहे सुदामा जब अपने बालसखा भगवान श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे, तब भगवान ने उनका अत्यंत प्रेम और सम्मान के साथ स्वागत किया। सुदामा द्वारा लाए गए थोड़े से चिवड़े को भी भगवान ने बड़े प्रेम से स्वीकार किया और बिना मांगे ही उनके समस्त कष्टों का निवारण कर दिया।
आचार्य श्री ने कहा कि सच्ची मित्रता में धन-दौलत, ऊँच-नीच और अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। भगवान केवल प्रेम और भक्ति के भूखे होते हैं। सुदामा चरित्र हमें सादगी, विनम्रता, मित्रता एवं भगवान पर अटूट विश्वास रखने की प्रेरणा देता है।
कथा श्रवण हेतु बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति रस में सराबोर होकर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। इस पावन आयोजन का संचालन श्री प्रेमनारायण शर्मा एवं समस्त शर्मा परिवार द्वारा किया जा रहा है, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान की कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।





